*हर मोबाइल एक न्यूज़रूम, हर युवा एक आवाज”: नागरिक पत्रकारिता ही लोकतंत्र की असली ताकत —*
पंडित बालकृष्ण तिवारी
राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) कोर कमेटी,
नई दिल्ली| 3 अगस्त 2026,
आज मीडिया का दायरा केवल परंपरागत प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों तक सीमित नहीं रह गया है। निष्पक्ष पत्रकारिता की सबसे बड़ी ताकत अब वे नागरिक पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता, यूट्यूबर्स और डिजिटल न्यूज़ पोर्टल बन चुके हैं, जो बिना किसी डर या दबाव के जमीनी हकीकत को सीधे जनता तक पहुंचा रहे हैं।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बालकृष्ण तिवारी ने मीडिया जगत के प्रतिनिधियों, डिजिटल पत्रकारों और युवा रचनाकारों के नाम एक संदेश देते हुए एक महत्वपूर्ण आधिकारिक बयान जारी किया है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के असली प्रहरी हैं पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता
अपने संबोधन में पंडित बालकृष्ण तिवारी ने कहा, “पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता समाज का आईना हैं। आप भ्रष्टाचार को उजागर करते हैं, वंचितों को न्याय दिलाते हैं और आम नागरिक की पीड़ा को सरकार के कानों तक पहुंचाते हैं।”
उन्होंने निष्पक्षता और निडरता को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए एक मूलमंत्र दिया:
तथ्य की जांच पहले: अफवाहों पर लगाम लगाएं और केवल सत्यापित खबरें ही जनता के सामने रखें।
समाधानपरक दृष्टिकोण: खबर के साथ-साथ समस्या के समाधान का मार्ग दिखाना भी मीडिया का नैतिक दायित्व है।
उन्होंने कहा कि यूट्यूबर्स और डिजिटल मीडिया: नए युग के संचारक, बड़ी जिम्मेदारी,
नया दौर डिजिटल क्रांति का है। इस बदलाव को रेखांकित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यूट्यूबर्स और डिजिटल न्यूज़ पोर्टल्स की भूमिका पर विशेष जोर दिया:
यूट्यूबर्स का सामाजिक दायित्व: यूट्यूबर्स आज के समय के सबसे प्रभावी संचारक हैं। एक वीडियो के जरिए लाखों लोगों तक संदेश पहुंचता है। इसलिए व्यूज की होड़ में सनसनी फैलाने से बचें। मनोरंजन के साथ-साथ गांव, शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के मुद्दों को रचनात्मकता के साथ उठाएं।
डिजिटल पोर्टल और जनता का विश्वास: डिजिटल न्यूज़ पोर्टल्स खबरों की गति की रीढ़ बन चुके हैं। पर ध्यान रहे—”आप केवल क्लिक्स नहीं कमाते, बल्कि जनता का अटूट विश्वास कमाते हैं।” पंचायत स्तर की समस्याओं और सकारात्मक बदलाव की खबरों को प्रमुखता दी जानी चाहिए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष की 3 सूत्रीय अपील,
पंडित बालकृष्ण तिवारी ने देशभर के पत्रकारों और सूचना-वाहकों से तीन प्रमुख सिद्धांतों को अपनाने का आह्वान किया:
सत्यनिष्ठा: बिना पूर्ण पुष्टि के कोई खबर न चलाएं। सत्य और कानून ही आपका सबसे बड़ा कवच हैं।
सेवा भाव: पत्रकारिता को महज व्यवसाय मानने के बजाय इसे जनसेवा का एक पवित्र मिशन समझें।
सकारात्मक एकता: कलम और कैमरे की ताकत का उपयोग समाज को जोड़ने के लिए करें, तोड़ने के लिए नहीं।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन का संकल्प,
भारतीय मीडिया फाउंडेशन ने यह प्रतिबद्धता दोहराई है कि वह देश के सभी नागरिक पत्रकारों, यूट्यूबर्स और डिजिटल पोर्टल्स को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य करेगा। संगठन द्वारा इन्हें व्यवसायिक प्रशिक्षण, कानूनी सहयोग और एक राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
अपने बयान के अंत में पंडित बालकृष्ण तिवारी ने राष्ट्र निर्माण का आह्वान करते हुए यह संदेश दिया:
“सूचना से सशक्तिकरण और सशक्तिकरण से राष्ट्र निर्माण।”







