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भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी ने मौजूदा शिक्षा नीति को छात्र विरोधी बताया, संगठन की ओर से राष्ट्रपति-राज्यपाल को भेजे जाएंगे विरोध पत्र*BMFNEWS

*”छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” : भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी ने मौजूदा शिक्षा नीति को छात्र विरोधी बताया, संगठन की ओर से राष्ट्रपति-राज्यपाल को भेजे जाएंगे विरोध पत्र*

 

*नई दिल्ली*

भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कमेटी ने केंद्र सरकार की वर्तमान शिक्षा नीति को छात्रों और देश के भविष्य के लिए घातक बताते हुए उसके खिलाफ देशव्यापी विरोध का आवाहन किया है। संगठन का स्पष्ट मत है कि यह नीति शिक्षा के नाम पर भ्रम फैला रही है और आने वाली पीढ़ियों को अंधकार में धकेल देगी।

संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों ने एकमत से कहा कि मौजूदा नीति कागजों पर तो अच्छी लगती है, लेकिन जमीनी हकीकत में यह छात्रों के साथ धोखा है।

 

“यह नीति देश के लिए खतरनाक”

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बालकृष्ण तिवारी, राष्ट्रीय प्रवक्ता कृष्णकांत जायसवाल और संगठन के संस्थापक ए.के. बिंदुसार ने संयुक्त बयान जारी किया।

 

राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बालकृष्ण तिवारी ने कहा कि “शिक्षा किसी भी राष्ट्र की नींव होती है। अगर नींव ही कमजोर होगी तो देश का भवन कभी मजबूत नहीं बन सकता। वर्तमान शिक्षा नीति उसी नींव को हिला रही है।”

 

राष्ट्रीय प्रवक्ता कृष्णकांत जायसवाल ने कहा कि इस नीति से न सिर्फ छात्रों का भविष्य खतरे में है, बल्कि देश की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत को भी नुकसान पहुंचेगा। “जो छात्र भारत का कल हैं, उनके साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

 

संस्थापक ए.के. बिंदुसार ने कहा”भ्रष्ट और भ्रमित नीति का विरोध जरूरी”

संगठन के संस्थापक ए.के. बिंदुसार ने सबसे तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,

“देश को इस भ्रमित और भ्रष्ट शिक्षा नीति के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। यह नीति छात्रों को रोजगार, नैतिकता और राष्ट्रीय चरित्र देने में पूरी तरह असफल है। हम चुप बैठे तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी।”

 

उन्होंने कहा कि शिक्षा को बाजार का उत्पाद नहीं बनने दिया जा सकता। छात्रों को डिग्री नहीं, ज्ञान और संस्कार चाहिए।

 

देशभर के पत्रकारों और सामाजिक संगठनों से अपील:

 

भारतीय मीडिया फाउंडेशन ने इस मुद्दे को जनांदोलन बनाने के लिए देशभर के मीडिया कर्मियों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से सहयोग मांगा है।

 

संगठन ने अपील की है किया है कि

सभी संगठन अपने लेटर पैड पर मांग पत्र तैयार करें और उसे जिला अधिकारियों के माध्यम से भेजें।

तीन प्रमुख पदों को संबोधित किया जाए:

– महामहिम राज्यपाल महोदय

– माननीय लोकसभा अध्यक्ष महोदय

– महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी

उन्होंने कहा कि हर जिले में एक प्रतिनिधि मंडल गठित किया जाए जो मांग पत्र सौंपने के साथ अधिकारियों से इस मुद्दे पर चर्चा भी करे।

 

यूनियन का कहना है कि इस काम को तेजी से पूरा करना होगा ताकि सरकार तक आम जनता और छात्रों की पीड़ा पहुंचे इसके लिए जनता जनार्दन के समर्थन के लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाने की आवश्यकता है

 

अंत में सभी पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि वे छात्रों के हक के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करेंगे।

#everyone

Ronda Faulk
Author: Ronda Faulk

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