जलेसर में एक ही घटना पर दो आमने-सामने की शिकायतें, रिपोर्ट राम नरेश

*जलेसर में एक ही घटना पर दो आमने-सामने की शिकायतें: पहले महिला ने लगाया छेड़छाड़ का आरोप, बाद में युवक पक्ष ने बताया साजिश*

 

एटा/जलेसर, 23 जुलाई 2026। जलेसर क्षेत्र के ग्राम अरवगढ़ में 22 जुलाई की रात हुई एक घटना अब दो परस्पर विरोधी शिकायतों के कारण चर्चा का विषय बन गई है। सबसे पहले एक महिला द्वारा गंभीर आरोपों के साथ शिकायत दी गई, जबकि उसके बाद दूसरे पक्ष ने इसे पूरी तरह झूठा बताते हुए अपने बचाव में अलग प्रार्थना पत्र सौंप दिया। अब पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, *सबसे पहले ग्राम अरवगढ़ निवासी लक्ष्मी, पत्नी उदयप्रकाश ने क्षेत्राधिकारी जलेसर* को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि 22 जुलाई की रात लगभग 11 बजे वह अपने दो छोटे बच्चों के साथ घर पर अकेली थीं। इसी दौरान कन्हैया पुत्र प्रमुदयाल सहित कई नामजद लोग उनके घर पहुंचे, जबरन घर में घुस आए, अभद्रता की, मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी। शिकायत में स्वयं को अनुसूचित जाति की महिला बताते हुए आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

*इसके बाद दूसरे पक्ष की ओर से रेशमा देवी, पत्नी स्वर्गीय प्रमुदयाल ने थाना जलेसर* में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उनके पुत्र कन्हैया लाल को सुनियोजित तरीके से झूठे मुकदमे में फंसाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि उनका पुत्र 22 जुलाई की शाम रुपये लौटाने गया था और उसके बाद पूरे घटनाक्रम को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया। शिकायत में गांव के भूमि विवाद, आपसी रंजिश तथा कुछ लोगों द्वारा झूठे आरोप लगाकर कार्रवाई कराने की साजिश का भी उल्लेख किया गया है। रेशमा देवी ने वीडियो साक्ष्य होने का दावा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

दोनों शिकायतों में एक ही घटना का उल्लेख है, लेकिन दोनों पक्षों के आरोप और घटनाक्रम पूरी तरह अलग-अलग हैं। ऐसे में मामला अब जांच का विषय बन गया है।

स्थानीय स्तर पर गांव की पुरानी रंजिश, भूमि विवाद और सामाजिक-राजनीतिक खींचतान को भी इस विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि इन पहलुओं की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्रों, उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों और अन्य तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी तथा जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

*नोट* – यह पूरा मामला प्राकृतिक रूप से नहीं हुआ यह सोची समझी विधिवत तरीका से रणनीति बनाई गई थी जिसकी झलक क्रमबद्ध तरीका से आप वीडियो में देख सकते हो क्योंकि जिन लोगों पर हरिजन एक्ट एवं छेड़छाड़ की कार्यवाही करने की तैयारी थी वह लोग एक विचाराधीन मुकदमा में बतौर गवाह दर्ज हैं।

जिस महिला ने छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं वह महिला पूर्व में भी कई लोगों को झूठी फर्जी शिकायतें देकर अपना निवाला बना चुकी है।

 

जिन युवा नेताओं के ऊपर झगड़ा फसाद करने के कथित आरोप लगे हैं वह भी एक वीडियो में लट्ठ द्वारा महिलाओं का सम्मान करते नजर आ रहे हैं।

जिन गरीब मजदूरों के ऊपर छेड़छाड़ एवं जातिवादी के आरोप लगे हैं उनका भी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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