तिकोनिया में ‘जल-तांडव’, स्कूल जाने के लिए गंदे पानी में उतरने को मजबूर देश का भविष्य! , खास रिपोर्ट पप्पू सिंह

तिकोनिया में ‘जल-तांडव’, स्कूल जाने के लिए गंदे पानी में उतरने को मजबूर देश का भविष्य!

, खास रिपोर्ट पप्पू सिंह की

तिकोनिया, लखीमपुर खीरी:

तस्वीर में दिख रहा यह नजारा किसी बाढ़ प्रभावित सुदूर इलाके का नहीं, बल्कि लखीमपुर खीरी की निघासन तहसील के तिकोनिया कस्बे का है। महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज वाली गली आज एक मुकम्मल तालाब में तब्दील हो चुकी है। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच, यह तस्वीर प्रशासन की लापरवाही का सबसे बड़ा सबूत है।

‘निषाद कंप्यूटर’ के पास नाली चोक, सड़कों पर बह रहा ‘नरक’

स्थानीय निवासियों के मुताबिक, गली में स्थित ‘निषाद कंप्यूटर’ के पास नालियां पूरी तरह चोक हो चुकी हैं। नालियों की सफाई न होने के कारण गंदा और बदबूदार पानी पूरी सड़क पर फैल गया है। पैदल चलना तो दूर, साइकिल और मोटरसाइकिल चालकों का भी यहां से निकलना दूभर हो गया है।

पीठ पर बस्ता, पैरों में गंदा पानी: कैसे पढ़ेगा इंडिया?

सबसे ज्यादा दुर्दशा महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज के स्कूली बच्चों की हो रही है। तस्वीर गवाह है कि कैसे एक नौनिहाल कंधे पर स्कूल बैग टांगे, घुटनों तक भरे गंदे पानी के बीच से कदम-कदम फूंकते हुए आगे बढ़ रहा है। जरा सी चूक और बच्चा इस संक्रामक पानी में गिर सकता है। हर वक्त यहां किसी बड़े हादसे या फिर मलेरिया, डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।

जनता में भारी आक्रोश, अब तो जागो सरकार!

इस नरकीय स्थिति को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बार-बार ध्यान आकर्षित कराने के बाद भी नगर निकाय और प्रशासनिक अधिकारी मौन साधे हुए हैं।

सीधा सवाल: आखिर इन मासूम बच्चों का क्या कसूर है? क्या अधिकारियों को किसी बड़ी महामारी या हादसे का इंतजार है? अब देखना यह है कि यह तस्वीर सामने आने के बाद जिम्मेदार कुंभकर्णी नींद से जागते हैं या बच्चे यूं ही इस प्रशासनिक नाकामी का दंश झेलते रहेंगे।

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