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दस्तक अभियान में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया पर हो रहा वार – 11 से 31 जुलाई तक चलाया जा रहा दस्तक अभियान, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

दस्तक अभियान में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया पर हो रहा वार

– 11 से 31 जुलाई तक चलाया जा रहा दस्तक अभियान

– स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों को मच्छरजनित रोगों के प्रति कर रही जागरुक

आगरा, 14 जुलाई 2026।

जनपद में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए ‘दस्तक अभियान’ 11 जुलाई से शुरू हो चुका है और 31 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर आमजन को डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक कर रही है। इसी क्रम में मंगलवार को सहायक मलेरिया अधिकारी नीरज कुमार, ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर, नगला पदी क्षेत्र में अभियान का निरीक्षण किया। उन्होंने टीम द्वारा किए जा रहे कार्यों का सहयोगात्मक पर्यवेक्षण किया और फीडबैक भी लिया।

 

मलेरिया इंस्पेक्टर कुशाग्र सिंह और फील्ड वर्कर अमित कुमार ने नगला पदी निवासी 37 वर्षीय सचिन श्रीवास्तव से ‘दस्तक अभियान’ के दौरान आशा कार्यकर्ता राखी सत्संगी और उर्मिला द्वारा पूछे गए सवालों के संबंध में चर्चा की और फीडबैक प्राप्त किया।

 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि 11 से 31 जुलाई तक चलने वाले दस्तक अभियान के तहत, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों की सेहत का हाल पूछ रही हैं। वे बुखार, खांसी, एलर्जी, कुष्ठ रोग, टीबी, डायरिया जैसे लक्षणों की जांच कर रही हैं और कम वजन वाले बच्चों का भी चिन्हांकन कर रही हैं। लक्षणयुक्त व्यक्तियों की जानकारी ई-कवच पोर्टल पर अपलोड की जाएगी, ताकि उनका उचित उपचार हो सके।

 

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व वेक्टर बोर्न डिजीज के नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेश्वर श्रीवास्तव ने बताया कि दस्तक अभियान का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जागरूक करना और स्वास्थ्य समस्याओं का जल्द पता लगाना है। मरीजों की जांच कर उनका उपचार करना। अभियान के दौरान फ्रंटलाइन वर्कर्स क्लोरीन की गोलिया भी अपने साथ रख रहे हैं। उन्होंने बताया कि बुखार के लक्षण दिखने पर आशा कार्यकर्ता की मदद से या स्वयं 108 नंबर एम्बुलेंस पर फोन कर उसके साथ ही अस्पताल जाएं। अपने मन से दवा का सेवन नहीं करना है।

 

जिला मलेरिया अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि इस अभियान के दौरान उन क्षेत्रों और मकानों की सूची भी बनाई जा रही है, जहां पर मच्छरों का प्रजनन अधिक पाया जा रहा है। इन स्थानों की सूची बनाकर यहां पर मच्छर मारने की दवा का छिड़काव कराया जा रहा है।

 

उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि इस मौसम में खुद से बीमारियों को दूर रखने के लिए हाथों का साफ रखना जरूरी है। यदि हाथों को साफ रखेंगे तो बीमारियां पास नहीं आएंगी। हाथ साफ रखने की आदत आपको डायरिया, फ्लू इत्यादि से बचा सकती है।

 

इस मौके पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर, नगला पदी क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता मौजूद रही ।

 

 

 

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क्या करें—

– पानी के बर्तन, ड्रम, टंकी आदि ढक कर रखें।

– सप्ताह में एकबार पानी के बर्तनों को खाली कर लीजिए।

– जिन स्थानों में पानी का इकट्ठा होना रोका न जा सके, वहां पानी में कुछ बूंदें मिट्टी का तेल या ट्रैक्टर का जला मोबिल ऑइल डाल दीजिए।

– मच्छरों से बचने के लिए सोते समय मच्छर रोधी क्रीम, नीम का तेल, कडवा तेल शरीर पर मलें व लगाएं।

– सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।

– ऐसे कपडे पहनें जो शरीर को पूरा ढके रखे।

– बुखार होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या स्वास्थ्य कार्यकर्ता से खून की जांच करायें।

– दवा नियमित और पूरी खाए।

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क्या न करें—

– घर में व घर के आसपास टूटे बर्तन, टायर, फूलदान आदि बर्तनो में जलभराव न होने दें।

– बुखार आने पर नीम हकीम के पास न जाए।

– तेज बुखार उतारने के लिए एस्प्रिन या ब्रुफिन टेबलेट का इस्तेमाल न करें।

– खाली पेट दवा न खायें।

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