शंखध्वनि के बीच खुले श्रीजगन्नाथ के द्वार, नवयौवन स्वरूप में हुए दिव्य दर्शन, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

*शंखध्वनि के बीच खुले श्रीजगन्नाथ के द्वार, नवयौवन स्वरूप में हुए दिव्य दर्शन*

 

*14 दिन बाद श्रीजगन्नाथ जी ने स्वस्थ होकर बहन सुभद्रा व भाई बलभद्र संग नेत्रोत्सव में दिए दर्शन, हरे राम, हरे कृष्णा.. कीर्तन पर झूमें भक्त*

 

*भगवान जगन्नाथ के लिए श्रद्धालु अपने घरों से पकाकर लाए व्यंजन, मंदिर की रसोई में पकाए गए 56 प्रकार के चावल*

 

आगरा। भक्ति और उल्लास के माहौल में शंखनाद के साथ जैसे ही 14 दिन बाद श्रीजगन्नाथ मंदिर के कपाट खुले, पूरा परिसर “हरि बोल” और “हरे राम, हरे कृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा। करीब 14 दिनों के विश्राम के बाद भगवान श्रीजगन्नाथ ने बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ नवयौवन रूप में भक्तों को दर्शन दिए। लंबे इंतजार के बाद प्रभु की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं की आंखें भावविभोर हो उठीं और मंदिर परिसर भक्ति में डूब गया। कमला नगर स्थित इस्कॉन मंदिर में रथयात्रा महोत्सव के अंतर्गत नयन उत्सव का विशेष आयोजन किया गया। इस दौरान भगवान को मनमोहक वस्त्रों में सजाया गया, साथ ही कमल, बेला और मोगरा के पुष्पों से भव्य श्रृंगार किया गया। तुलसी की माला और दौना मरुआ का नथ बेसर श्रीहरि को अलंकृत कर रहा था। आरती के समय श्रद्धालु हाथ उठाकर कीर्तन में लीन नजर आए और वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। भगवान के पट खुलने से पहले ही श्रद्धालु कीर्तन करते हुए दर्शन की प्रतीक्षा में डटे रहे। मंदिर को आकर्षक रोशनी और सुगंधित फूलों से सजाया गया। भक्तों ने “गीत गोविंद” और “जगन्नाथ अष्टकम” जैसे भजनों के साथ प्रभु की स्तुति की और देर तक नृत्य करते हुए भक्ति में लीन रहे। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर इस आध्यात्मिक पर्व का आनंद लिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से कामता प्रसाद अग्रवाल, नितेश अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, अशु मित्तल, संजीव बंसल, सुधीर अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, रामू फतेहपुरिया, शैलेश बंसल, दीपक प्रहलाद अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, संजय कुकरेजा, विकास बंसल (लड्डू भाई), रमेश यादव, विपिन अग्रवाल, ओमप्रकाश अग्रवाल, राजेश उपाध्याय, अदिति गौरांगी, अंशुल अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

आगरा इस्कॉन के अध्यक्ष अरविंद प्रभु ने जानकारी दी कि भगवान के स्वास्थ्य लाभ के बाद उनका हल्का श्रृंगार कर विधिवत आरती की गई। इस अवसर पर मंदिर की रसोई में विशेष भोग तैयार किया गया, जिसमें 56 प्रकार के चावलों का निर्माण किया गया। इनमें गुड़ वाले चावल, गन्ने के रस में पके चावल, मीठे और नमकीन चावल सहित कई प्रकार शामिल थे। विशेष बात यह रही कि भक्तजन भी अपने-अपने घरों से विविध पकवान बनाकर मिट्टी के पात्रों में लाए। इनमें ढोकला, कचौड़ी, पूरी, मठरी, पराठे, अलग-अलग सब्जियां, मिठाइयां जैसे रसगुल्ले और बर्फी शामिल थे।

*16 जुलाई को निकलेगी भव्य श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा*

आगरा में 16 जुलाई को दोपहर 2 बजे से श्रीजगन्नाथ रथयात्रा का आयोजन किया जाएगा। यह यात्रा बल्केश्वर स्थित महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए शाम करीब 8 बजे कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर पहुंचेगी। रथयात्रा की खास आकर्षण भगवान का नंदीघोष रथ होगा, जिसकी ऊंचाई लगभग 22 फुट और लंबाई 18 फुट है। रथ को कोलकाता और वृंदावन के कुशल कलाकारों द्वारा सजाया जाएगा। भगवान श्रीजगन्नाथ सतरंगी परिधान में इस रथ पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। विशेष बात यह भी है कि भगवान की पोशाक को आगरा और वृंदावन के भक्तों ने स्वयं तैयार किया है। इस भव्य यात्रा में भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ यूक्रेन और रूस से आए श्रद्धालु भी शामिल होंगे, जिससे यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आकर्षण का केंद्र बनेगा।

15 जुलाई को शाम 4.30 बजे से रात 9.30 बजे तक दिव्य छप्पन भोग दर्शन होंगे।

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