कानपुर देहात: दिव्यांग माँ की नाबालिग बेटी का अपहरण, अश्लील वीडियो से ब्लैकमेलिंग और लाखों की चोरी का सनसनीखेज मामला।।

मोहम्मद अकरम वारसी की खास रिपोर्ट।

कानपुर देहात: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले से एक अत्यंत गंभीर और हृदयविदारक मामला सामने आया है। थाना अकबरपुर क्षेत्र की निवासी एक दिव्यांग और गरीब महिला ने अपनी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी के अपहरण, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और घर में घुसकर लाखों के माल पर हाथ साफ करने का गंभीर आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित माँ ‘सन्नो’ ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया है कि वह मेहनत-मजदूरी कर अपना भरण-पोषण करती है। उनकी 16 वर्षीय बेटी ‘मोसमीन’ अपनी नानी के पास रहकर पढ़ाई कर रही थी। आरोप है कि नानी के पड़ोस में रहने वाली एक महिला ‘रुखसार’ ने एक सोची-समझी साजिश के तहत मोसमीन की बातचीत अपने रिश्तेदार ‘शहजाद’ (पुत्र नौशाद) से करवाई।
अश्लील वीडियो का जाल और ब्लैकमेलिंग
शिकायत के अनुसार, शहजाद ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और चोरी-छिपे उसका अश्लील वीडियो तैयार कर लिया। इसी वीडियो को हथियार बनाकर आरोपी उसे ब्लैकमेल करने लगा। आरोपी ने पीड़िता से 1 लाख रुपये की रंगदारी मांगी और उस पर जबरन निकाह का दबाव बनाया। इससे पहले भी आरोपी उसे 26 मई 2026 को भगा ले गया था, जिससे पीड़ित परिवार सदमे में था।
दिनदहाड़े घर में घुसकर चोरी और अपहरण
पीड़िता माँ ने बताया कि 11 जुलाई 2026 को जब वह मजदूरी करने घर से बाहर गई थी, तभी शहजाद घर में घुस आया। उसने घर का मुख्य बक्सा जबरन खुलवाया और उसमें रखे 40,000 रुपये नकद और पैतृक जेवरात (सोने का मंगलसूत्र, कान के टॉप्स और चांदी की पायल) लेकर फरार हो गया। इतना ही नहीं, वह 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को भी दूसरी बार अपने साथ भगा ले गया।
प्रशासन से न्याय की गुहार
पीड़ित दिव्यांग माँ ने थाना प्रभारी अकबरपुर को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मुख्य आरोपी शहजाद और उसकी सहयोगी रुखसार के खिलाफ निम्नलिखित धाराओं में कार्रवाई की मांग की है:
1. अपहरण का मामला:नाबालिग को जबरन ले जाने के विरुद्ध।
2. ब्लैकमेलिंग और रंगदारी: अश्लील वीडियो का दुरुपयोग करने के लिए।
3. चोरी: घर में घुसकर कीमती सामान उड़ाने के लिए।
4. POCSO एक्ट: नाबालिग के साथ शारीरिक शोषण और जघन्य कृत्य के लिए।

यह मामला न केवल एक परिवार की सुरक्षा पर सवाल उठाता है, बल्कि समाज में महिलाओं और विशेषकर नाबालिगों की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। एक गरीब और असहाय माँ अब पुलिस प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नज़रों से देख रही है कि क्या उनकी बेटी को सुरक्षित वापस लाया जाएगा और क्या दरिंदों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा?
चेतावनी: यह एक गंभीर आपराधिक मामला है, जिस पर पुलिस प्रशासन से त्वरित और कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा है।

Shakeer Akhtar
Author: Shakeer Akhtar

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