जब समाज का स्वरूप बिगड़ेगा,तो इसके दुष्प्रभाव से अछूता कोई भी नहीं रहेगा ,इसका परिणाम सबको भुगतना होगा ।
जयपुर की 23 साल की आयुषी शर्मा की शक्ल देखकर कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता, कि इस मासूम चेहरे के पीछे कितनी खौफनाक और बेरहम साजिश छिपी हो सकती है। परिवार वाले शायद इसे घर की ‘देवी’ मानते होंगे, लेकिन इसने जो किया वह मानवता को झकझोर देने वाला है। पढ़ाई-लिखाई में कमज़ोर और खुद को हमेशा ‘लूज़र’ मानने वाली आयुषी,इंस्टाग्राम पर कुछ बेहद विवादित और अराजक इन्फ्लुएंसर्स को फॉलो करती थी, जिससे उसकी सोच पर गहरा असर पड़ा। जब उसके सरकारी कर्मचारी पिता का निधन हुआ, तो उसकी माँ ने अनुकंपा नियुक्ति पर खुद नौकरी करने का फैसला किया ताकि वे आयुषी के साथ-साथ अपने 17 साल के छोटे बेटे का भविष्य भी संभाल सकें। लेकिन आयुषी को यह बात बर्दाश्त नहीं हुई कि नौकरी उसे क्यों नहीं मिली। इसी नफरत और लालच में आकर उसने किसी तरह 7 लाख रुपये का इंतजाम किया और लोकल गैंग के शूटरों को मोटी रकम देकर अपनी ही सगी माँ की बेरहमी से स्कॉर्पियो गाड़ी से कुचलवाकर हत्या करवा दी।
घटना को हादसे का रूप देने के लिए उसने ये तरीका अपनाया ।।
यह पूरी घटना सोचने पर मजबूर करती है कि आज की युवा पीढ़ी किस दिशा में जा रही है, जहाँ सोशल मीडिया का खोखलापन और रातों-रात सब कुछ पा लेने का अंधा लालच बच्चों को अपने ही खून का प्यासा बना रहा है।









