एटा,विश्वास का नाम है डॉक्टर विशाल गुप्ता वर्तमान समय में जहां चिकित्सकों ने चिकित्सा कार्य को अपना धंधा बना लिया है वही यह स्पेशल सेवा भाव का माना जाता है कहा जाता है कि एक तरफ अगर कोई भगवान है तो वह चिकित्सक है युवा चिकित्सकों में ऐसा ही एक नाम एटा के चिकित्सक डॉ विशाल गुप्ता है जिन्होंने अपनी पहचान सेवा भाव और व्यवहार से बनाई है शिकोहाबाद प्राइवेट रोडवेज बस स्टैंड सामने डॉक्टर विशाल गुप्ता क्लीनिक है जहां डॉ विशाल गुप्ता सुबह से ही रात देर रात तक अपने क्लीनिक पर बैठकर मरीजों को देखते हैं डॉ विशाल गुप्ता का मरीज पर इतना विश्वास है कि उनका नाम सुनकर ही मरीज उनके पास आते हैं इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि डॉक्टर विशाल गुप्ता आज तक किसी भी मरीज से अपनी फीस नहीं लेते हैं पर्चा लिख देते हैं आप दवाई कहीं से भी ले सकते हैं ना उनकी कोई पैथोलॉजी है और नई कोई नर्सिंग होम अपनी छोटी सी दुकान में बैठकर मरीज को देखते हैं और पर्चा लिखते हैं डॉ विशाल गुप्ता के पास अधिकांश मरीज इस तरह के भी आते हैं कि उन पर पैसे की व्यवस्था नहीं होती है गरीब और मजबूर लोगों को वह दवा अपने पास से उपलब्ध कराते हैं आज राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस है इस अवसर पर डॉक्टर विशाल गुप्ता से अपने बातचीत की और उनसे ज्यादा की आज की आर्थिक दौर में और चिकित्सक की धंधे के प्रवेश में अपने कार्य को किस तरह से करते हैं तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा एक चिकित्सक का आकार केवल सेवा करना होता है और बड़े विश्वास के साथ मैरिज उसके पास आता है और मरीज को पूरी तरह संतान देकर और आज के आर्थिक युग में काम से कम पैसे में उसको समुचित इलाज प्रदान करना ही मेरा उद्देश्य है हालांकि डॉक्टर विशाल गुप्ता एक व्यापारी परिवार से आते हैं उनके पिता शहर के जाने-माने व्यापारी है उनसे जब यह पूछा का पूछा गया कि आपको इसकी प्रेरणा कहां से मिली तो उन्होंने कहा कि उनकी प्रेरणा का श्रोत उनके मरीज है माँ सीता गुप्ता व पिता महेश गुप्ता को मानते है धन्य है आज के समय में ऐसे डॉ,,









