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जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को उम्रकैद की सजा पर एक विस्तृत समाचार रिपोर्ट यहाँ दी गई

 

जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को उम्रकैद की सजा पर एक विस्तृत समाचार रिपोर्ट यहाँ दी गईÓ है:
बड़ी खबर: जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को उम्रकैद, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
बिलासपुर/रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में न्यायपालिका ने 23 साल बाद एक बड़ा फैसला सुनाया है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी के बेटे और पूर्व विधायक अमित जोगी को हत्या और आपराधिक षडयंत्र का दोषी पाते हुए उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है।
मुख्य बिंदु:
* सजा का आधार: मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने अमित जोगी को IPC की धारा 302 (हत्या) और 120B (आपराधिक षडयंत्र) के तहत दोषी ठहराया।
* निचली अदालत का फैसला पलटा: साल 2007 में रायपुर की एक विशेष सीबीआई अदालत ने 28 अन्य आरोपियों को तो सजा सुनाई थी, लेकिन अमित जोगी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया था। हाई कोर्ट ने अब उस फैसले को “त्रुटिपूर्ण” बताते हुए पलट दिया है।
* कोर्ट की टिप्पणी: अदालत ने अमित जोगी को इस पूरी साजिश का ‘मास्टरमाइंड’ करार दिया। कोर्ट ने कहा कि सबूतों से स्पष्ट है कि यह पूरी घटना उन्हीं के इशारे और निर्देशन में अंजाम दी गई थी।
* सरेंडर का आदेश: कोर्ट ने अमित जोगी को सरेंडर करने के लिए तीन हफ्ते (21 दिन) का समय दिया है।
क्या था मामला?
4 जून 2003 को रायपुर में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिग्गज नेता और कोषाध्यक्ष रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय राज्य में अजीत जोगी की सरकार थी। जांच के बाद सीबीआई ने इस मामले में अमित जोगी सहित कई लोगों को आरोपी बनाया था।
अमित जोगी का पक्ष:
फैसले के बाद अमित जोगी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “अन्याय” बताया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। उनके वकीलों ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर 20 अप्रैल 2026 को सुनवाई होने की संभावना है।
जग्गी परिवार की प्रतिक्रिया:
रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी, जो पिछले दो दशकों से इस कानूनी लड़ाई को लड़ रहे हैं, ने फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “आज मेरे पिता को सच्ची श्रद्धांजलि मिली है। न्याय में देरी हुई, लेकिन जीत सत्य की हुई है।”
यह फैसला छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बड़ा भूचाल ले आया है, क्योंकि अमित जोगी ‘जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)’ के प्रमुख चेहरा हैं।

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