हिमाचल में साढ़े चार माह में 814 सड़क हादसे, 363 मौतें; पुलिस ने सड़क सुरक्षा के लिए लागू किया ‘ईडार डिजिटल कवच’
रिपोर्ट जी आर भारद्वाज (वरिष्ठ पत्रकार)
हिमाचल प्रदेश, 2 जून — प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। जनवरी से 15 मई के बीच मात्र साढ़े चार महीने में 814 सड़क दुर्घटनाओं में 363 लोगों की मौत हो गई, जबकि 1029 लोग घायल हुए हैं। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार हादसों और मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
इन्हीं बढ़ते हादसों को रोकने के लिए ट्रैफिक, टूरिस्ट और रेलवे पुलिस (टीटीआर) ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। राज्यभर में ‘ईडार (EDAR)’ प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू कर दिया गया है, जिसे ‘डिजिटल कवच’ नाम दिया गया है।
क्या है ईडार प्रणाली?
यह एक डिजिटल व्यवस्था है जो दुर्घटना के समय, स्थान, कारण, वाहन और पीड़ित से जुड़ी हर जानकारी को डिजिटल रूप से दर्ज करती है। इससे न केवल दुर्घटनाओं का पंजीकरण होगा, बल्कि उनके पैटर्न का वैज्ञानिक विश्लेषण कर समय रहते रोकथाम भी की जाएगी।
डीआईजी टीटीआर संजीव गांधी ने बताया कि ईडार सिर्फ रिपोर्टिंग का माध्यम नहीं है, बल्कि यह ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर वहां पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य दुर्घटना होने के बाद कार्रवाई नहीं, बल्कि दुर्घटना से पहले जान बचाना है।”
‘डेंजर विंडो’ : शाम 6 से 9 बजे
वैज्ञानिक अध्ययन में शाम छह से नौ बजे का समय सबसे जोखिम भरा पाया गया है। इस दौरान ट्रैफिक दबाव, कम दृश्यता और ड्राइवरों की थकान हादसों की बड़ी वजह बनती है। इसी कारण राजमार्गों पर इस समय विशेष इंटरसेप्टर वाहन और अतिरिक्त गश्ती दल तैनात किए गए हैं।
ईडार के तीन बड़े फायदे:
1. 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज – दुर्घटना ईडार पर दर्ज होते ही पीड़ित को तुरंत कैशलेस सुविधा मिलेगी।
2. फास्ट-ट्रैक बीमा दावा – डिजिटल रिपोर्ट सीधे मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण को भेजी जाएगी, जिससे क्लेम जल्दी निपटेगा।
3. ‘राह-वीर’ योजना – दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले नागरिकों को इनाम और कानूनी सुरक्षा तभी मिलेगी, जब घटना ईडार में दर्ज होगी।
रोकथाम के लिए कार्ययोजना:
· शाम 6-9 बजे सघन पुलिस गश्त
· स्पीड कैमरों और अल्को-सेंसर से निगरानी
· अवैध पार्किंग पर तुरंत कार्रवाई
· खतरनाक पहाड़ी मोड़ों पर हाई-विजिबिलिटी साइन बोर्ड
पुलिस का संदेश:
“आज सतर्क, तो कल सुरक्षित। रफ्तार रोमांच देती है, पर जान भी ले सकती है।”









