सरकारी विभागों की लंबित लेखा आपत्तियों पर सख्त हुआ विधानसभा की लोक लेखा समिति का रुख, समयबद्ध निष्पादन का निर्देश
झारखंड गिरिडीह से अमित अग्रवाल की रिपोर्ट
गिरिडीह परिसदन में सोमवार को झारखंड विधानसभा की लोक लेखा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न विभागों की लंबित लेखा आपत्तियों, कैग की रिपोर्ट और स्थानीय निकायों से जुड़े मामलों की विभागवार समीक्षा की गई। समिति ने लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, विभागीय जवाबदेही और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार यादव सहित समिति के सदस्य एवं बरकट्ठा विधायक अमित कुमार यादव, बहरागोड़ा विधायक समीर महंती, मनोहरपुर विधायक जगत मांझी और कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी उपस्थित रहे। गिरिडीह परिसदन पहुंचने पर उपायुक्त रामनिवास यादव और पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
2008-09 से 2019-20 तक की लेखा आपत्तियों की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान वर्ष 2008-09 से 2019-20 तक भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के प्रतिवेदनों में दर्ज आपत्तियों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही वर्ष
2014-15 के स्थानीय निकायों से संबंधित वार्षिक तकनीकी निरीक्षण प्रतिवेदन में लंबित आपत्तियों पर भी चर्चा हुई। समिति ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से लंबित मामलों की वर्तमान स्थिति, उनके निराकरण के लिए उठाए गए कदमों और आ रही समस्याओं की जानकारी ली।
हर जिले में नोडल पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति का निर्देश
लोक लेखा समिति ने लंबित मामलों के प्रभावी अनुश्रवण और समय पर निष्पादन के लिए प्रत्येक जिले में नोडल पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। समिति ने स्पष्ट किया कि संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ लंबित आपत्तियों का बिंदुवार परीक्षण करें और उनके निराकरण के लिए ठोस एवं समयबद्ध कार्रवाई करें। साथ ही, आवश्यक अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया।
कई महत्वपूर्ण विभागों की कार्यप्रणाली की हुई पड़ताल
समिति ने वन, पुलिस, खनन, प्रदूषण, निबंधन, पंचायती राज, उत्पाद, परिवहन, वाणिज्यकर, ऊर्जा, आपूर्ति, भू-अर्जन, नगर निगम, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और सहकारिता समेत विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों की समीक्षा की। इस दौरान लंबित लेखा आपत्तियों के कारणों और उनके निष्पादन में आ रही बाधाओं पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
समिति ने सरकारी अभिलेखों और वित्तीय मामलों में पारदर्शिता बनाए रखने, विभागीय समन्वय मजबूत करने तथा निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता मौजूद रहे।














