*शुद्ध पेयजल की आपूर्ति एवं जलभराव की स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करें अधिकारी : मुख्य विकास अधिकारी*
*मारहरा विकास खंड के ग्राम रसूलपुर गढ़ौली में स्वास्थ्य, साफ-सफाई एवं पेयजल व्यवस्थाओं का किया गया स्थलीय निरीक्षण*
*बुखार से पीड़ित एवं लक्षणयुक्त व्यक्तियों के लिए सैंपलिंग, जांच एवं दवा वितरण की कार्यवाही जारी*
एटा, 08 अक्टूबर 2026। जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली के निर्देशों के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्र के नेतृत्व में स्वास्थ्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा विकासखंड मारहरा के ग्राम रसूलपुर गढ़ौली का स्थलीय निरीक्षण कर गांव में साफ-सफाई, स्वास्थ्य, पेयजल एवं जलभराव की स्थिति का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को गांव में किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या की स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि गांव में विशेष अभियान चलाकर साफ-सफाई का कार्य कराया जा रहा है,साथ ही जलभराव वाले स्थानों को चिन्हित कर तत्काल आवश्यक कार्यवाही की जा रही है तथा मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए एंटी लार्वा का छिड़काव एवं फॉगिंग नियमित रूप से कराई जा रही है, जिससे मच्छरों के प्रजनन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा गांव में बुखार से पीड़ित एवं लक्षणयुक्त व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकतानुसार सैंपल लेकर जांच हेतु वीरांगना अवंतीबाई लोधी राजकीय मेडिकल कॉलेज, एटा भेजे गए। लक्षणयुक्त व्यक्तियों को आवश्यकतानुसार दवाओं का वितरण भी कराया गया। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य के माध्यम से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर आवश्यकतानुसार अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीण पेयजल व्यवस्था की भी जांच की गई। जल निगम ग्रामीण विभाग द्वारा हैंडपंपों से प्राप्त पानी के नमूनों की जांच में चार हैंडपंपों का पानी पेयजल मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे हैंडपंपों पर लाल पेंट से क्रास चिन्ह अंकित कराया जा रहा है, ताकि ग्रामीण भूलवश भी इनका पानी पीने के लिए प्रयोग न करें।
ग्रामीणों को जागरूक करते हुए अधिकारियों ने अपील की कि पेयजल को घर पर अच्छी तरह उबालकर ठंडा करने के बाद ही उसका सेवन करें। इसके साथ ही पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का प्रयोग करने तथा घर एवं आसपास पानी एकत्रित न होने देने के लिए प्रेरित किया गया। ग्रामीणों को पानी को सुरक्षित रखने के लिए क्लोरीन की गोलियां भी वितरित की गईं तथा इनके उचित प्रयोग की जानकारी दी गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने जल निगम ग्रामीण के अधिकारियों को निर्देशित किया कि टंकी के माध्यम से आपूर्ति किए जा रहे पेयजल का पूर्ण क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने के बाद ही जलापूर्ति की जाए। स्वास्थ्य विभाग की टीम, एएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं को गांव में प्रतिदिन सक्रिय रूप से भ्रमण करने तथा बुखार अथवा अन्य लक्षण वाले व्यक्तियों की तत्काल पहचान कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने जिला पंचायत राज विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं ग्रामीण पेयजल विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि गांव की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखें। किसी भी दशा में दूषित पानी, गंदगी, जलभराव अथवा साफ-सफाई की व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के बीमार होने की सूचना प्राप्त होते ही तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जल निगम ग्रामीण के अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, एमओआईसी मारहरा, एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।जिला सूचना कार्यालय एटा 👆














