WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.49 P
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.49 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.48 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.51 P
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.51 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.50
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.50 PM

राजघाट बांध परियोजना में पदोन्नति की अनदेखी का परिणाम, संवेदनशील पदों पर ‘हैंड रसीद’ से काम कराने की नौबत, रिपोर्ट निशा कांत शर्मा

राजघाट बांध परियोजना में पदोन्नति की अनदेखी का परिणाम, संवेदनशील पदों पर ‘हैंड रसीद’ से काम कराने की नौबत

 

भारतीय मजदूर संघ ने उठाए सवाल, लगभग 110 कर्मचारियों की पदोन्नति का मामला अधिकारियों के समक्ष उठाया

 

झांसी। राजघाट बांध परियोजना में कर्मचारियों की पदोन्नति में लंबे समय से हो रही देरी और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संवेदनशील पदों पर ‘हैंड रसीद’ के माध्यम से कार्य पर लगाए जाने का मामला भारतीय मजदूर संघ के संज्ञान में आया है। संघ ने इस व्यवस्था पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग उठाई है।

 

भारतीय मजदूर संघ के विभाग प्रमुख चन्द्र कांत चतुर्वेदी ने कहा कि परियोजना में अनेक कर्मचारी जिस पद पर नियुक्त हुए थे, उसी पद से सेवानिवृत्त हो गए। उन्हें सेवाकाल के दौरान पदोन्नति का लाभ नहीं मिल सका और केवल वित्तीय उन्नयन योजना (एमएसीपी) के अंतर्गत वित्तीय लाभ प्राप्त हुआ। यह स्थिति कर्मचारियों के सेवाकालीन विकास और विभागीय व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करती है।

 

उन्होंने बताया कि भारतीय मजदूर संघ द्वारा लगभग 110 कर्मचारियों की पदोन्नति से संबंधित प्रकरण अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए जा चुके हैं। संघ ने इस संबंध में मांग पत्र भी भेजा है, लेकिन कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति मिलने का विषय अब भी महत्वपूर्ण बना हुआ है।

 

चन्द्र कांत चतुर्वेदी ने कहा कि यदि पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार समय पर पदोन्नति दी गई होती, तो कार्यालयों में नियमित एवं स्थायी कर्मचारी उपलब्ध रहते और महत्वपूर्ण पदों पर कार्य व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकता था। ऐसी स्थिति में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संवेदनशील पदों पर ‘हैंड रसीद’ के माध्यम से कार्य पर लगाने की आवश्यकता पर भी सवाल नहीं उठते।

Leave a Comment