रिपोर्ट: एके बिन्दुसार (प्रधान संपादक)
वाराणसी। दिनांक 1 नवंबर 2026 को यातायात जागरूकता माह के रूप में मनाने का संकल्प लिया गया। यातायात माह का शुभारंभ यातायात पुलिस सभागार में आयोजित गोष्ठी के साथ किया गया।

उत्तर प्रदेश में प्रतिवर्ष नवंबर माह को यातायात माह के रूप में मनाया जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष भी 1 नवंबर से 30 नवंबर तक यातायात जागरूकता माह मनाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और आम जनमानस को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है।
शनिवार को यातायात पुलिस सभागार में आयोजित गोष्ठी में यातायात पुलिस के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि पूरे महीने विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसमें स्कूलों, कॉलेजों, चौराहों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर जाकर लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी।
गोष्ठी में निर्णय लिया गया कि हेलमेट, सीट बेल्ट, तेज गति, नशे में वाहन चलाना, गलत दिशा में वाहन चलाना और मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाने जैसे नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध जागरूकता के साथ-साथ प्रवर्तन की कार्रवाई भी की जाएगी।
इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी में ऑटो यूनियन, ई-रिक्शा यूनियन एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोगों के अलावा यातायात पुलिस के अधिकारी, कर्मचारी एवं पत्रकार बंधुओं ने सहभागिता की।
ऑटो और ई-रिक्शा यूनियन के पदाधिकारियों ने भी इस अभियान में पुलिस का सहयोग करने का आश्वासन दिया और कहा कि वे अपने सभी चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करेंगे।
यातायात पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यातायात व्यवस्था केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। यदि सभी लोग नियमों का पालन करें तो सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत तक की कमी लाई जा सकती है।

गोष्ठी के अंत में सभी लोगों ने पूरे माह तक यातायात जागरूकता के लिए कार्य करने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया।















