प्रियांशु सेन की खास रिपोर्ट।
BIG BREAKING: ब्यूरोक्रेसी का बड़ा खेल! नौकरशाह
चुन रहे शिक्षाविद; दिव्यांग विश्वविद्यालय के कुलपति की रेस में भारी उलटफेर !
प्रो. शिशिर कुमार पाण्डेय दौड़ से बाहर ! 72 दावेदारों में से सिर्फ 45 का हुआ इंटरव्यू, आज देर रात जगद्गुरु के पास पहुंचेंगे 5 नाम !
चित्रकूट के जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय में नए कुलपति की नियुक्ति को लेकर चल रहा सस्पेंस अब अपने सबसे दिलचस्प और अंतिम मोड़ पर आ गया है। इस पूरी प्रक्रिया में दिव्यांग कल्याण विभाग ने एक ऐसा बड़ा खेल कर दिया है, जिसकी चर्चा पूरे प्रशासनिक और शैक्षणिक गलियारों में आग की तरह फैल गई है!
भाग्य ! अद्भुत संयोगः जब नौकरशाह तय कर रहे शिक्षाविदों का
इस बार विश्वविद्यालय का नेतृत्व तय करने की कमान पूरी तरह से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों (IAS) की त्रिमूर्ति के हाथों में सिमट गई है। दिव्यांग कल्याण विभाग की इस हाई-प्रोफाइल कमेटी में शामिल हैं:
1 राजेश कुमार सिंह (प्रमुख सचिव, विधान सभा)
② राजेश सिंह (सचिव, दिव्यांग कल्याण)
③ सुभाष एल वाई (वरिष्ठ आईएएस अधिकारी)
72 से घटकर 45 हुई लिस्ट, इंटरव्यू की ‘सुपरफास्ट एक्सप्रेस’!
कुलपति बनने की चाह में देश भर से 6 दर्जन (72 से अधिक) दिग्गजों ने आवेदन किया था, लेकिन इन तीन आईएएस अफसरों की स्क्रूटनी के बाद यह लिस्ट 45 पर आकर टिक गई। आज सभी इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। रफ्तार का आलम यह था कि एक-एक दिन में 14 से 16 लोगों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया!
X प्रो. शिशिर कुमार पाण्डेय रेस से बाहर !
इस खबर का सबसे बड़ा अपडेट यह है कि वर्तमान कुलपति प्रो. शिशिर कुमार पाण्डेय जो दोबारा इस पद की लाइन में लगे थे, वे उम्र पूरी (Age Limit) होने के कारण इस दौड़ से पूरी तरह बाहर हो गए हैं। यानी अब विश्वविद्यालय को नया नेतृत्व मिलना शत-प्रतिशत तय है!
इंटरव्यू में ग्रामोदय के दो महारथियों का आमना-सामना!
इस महामुकाबले में महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति के साथ ही मध्य प्रदेश की एक दूसरी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी के वर्तमान कुलपति ने भी इंटरव्यू दिया है। दिलचस्प बात यह है कि ये दोनों ही दिग्गज इस समय ग्रामोदय विश्वविद्यालय में बतौर प्रोफेसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं!
18 तारीख को ‘युवराज’ करेंगे नाम का पटाक्षेप !
मंथन पूरा हो चुका है, और शॉर्टलिस्ट किए गए 5 चुनिंदा नाम आज देर रात तक साधना में लीन कुलाधिपति स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज के पास पहुंच जाएंगे। इसके बाद, 18 तारीख को तुलसी पीठ के उत्तराधिकारी ‘युवराज’ आचार्य रामचंद्र दास जी के चित्रकूट आगमन के साथ ही कुलाधिपति के विशेषाधिकार से नए कुलपति के नाम की आधिकारिक घोषणा हो सकती है।
क्या ब्यूरोक्रेसी की इस छंटनी से विश्वविद्यालय को एक निष्पक्ष और विजनरी कुलपति मिलेगा? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर साझा करें!
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