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कपड़े के थैले बनाकर पर्यावरण संवार रहीं आत्मनिर्भर महिलाएं, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

*कपड़े के थैले बनाकर पर्यावरण संवार रहीं आत्मनिर्भर महिलाएं*

 

*- नगर निगम के 5आर सेंटर पर मिलेंगे किफायती कपड़े के थैले*

 

*- पॉलीथिन मुक्त अभियान से जुड़कर स्वावलंबी बन रहीं महिलाएं*

 

*- योगी सरकार के ‘मिशन शक्ति’ और स्वरोजगार को मिली रफ्तार*

 

*आगरा,16 अक्टूबर।* उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘मिशन शक्ति’ और पर्यावरण संरक्षण अभियानों का असर अब धरातल पर साफ दिखने लगा है। ताजनगरी में स्वच्छता और जनभागीदारी की मुहिम को महिला सशक्तिकरण तथा स्वरोजगार से जोड़ते हुए नगर निगम ने एक प्रभावशाली पहल शुरू की है। ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के अंतर्गत नगर निगम से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं कपड़े के आकर्षक, टिकाऊ और उपयोगी थैले तैयार कर रही हैं। यह प्रयास सिंगल-यूज प्लास्टिक के पूर्ण उन्मूलन की दिशा में मजबूत कदम साबित हो रहा है।

 

*प्लास्टिक मुक्त शहर और महिला स्वावलंबन को एक साथ मिल रहा बढ़ावा*

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करते हुए यह योजना महिलाओं को घर बैठे आजीविका और सम्मानजनक आय का जरिया दे रही है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं सिलाई और हस्तशिल्प के जरिए कपड़े के थैले तैयार कर रही हैं। इससे जहां एक ओर शहर में प्रतिबंधित पॉलीथिन का व्यावहारिक विकल्प उपलब्ध हो रहा है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन भी मजबूत हो रहा है।

 

*5आर सिद्धांत के जरिए नागरिक आदतों में बदलाव की अपील*

इस अभियान की जानकारी देते हुए सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि अभियान के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ ही 5आर के सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इनमें रिफ्यूज यानी अनावश्यक वस्तुओं को लेने से इनकार करना, रिड्यूस यानी वस्तुओं का इस्तेमाल कम करना, रीयूज यानी दोबारा उपयोग करना, रिपरपज यानी पुरानी वस्तुओं को नए उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करना और रीसाइकिल यानी पुनर्चक्रण करना शामिल है।

 

इन सिद्धांतों के माध्यम से लोगों को संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने, कचरे की मात्रा घटाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने का संदेश दिया जा रहा है। अभियान का मकसद केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों की आदतों में बदलाव लाकर स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना भी है। इस मुहिम का उद्देश्य सफाई को मात्र सरकारी औपचारिकता न रखकर जनआंदोलन बनाना और नागरिकों की जीवनशैली में टिकाऊ बदलाव लाना है।

 

*नगर निगम के 5आर सेंटरों पर मिलेंगे सस्ते थैले*

महिलाओं द्वारा निर्मित यह इको-फ्रेंडली बैग आम जनता के लिए नगर निगम के 5आर सेंटरों पर बेहद किफायती दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों से अपील की गई है कि वे खरीदारी के दौरान पॉलीथिन की जगह कपड़े के थैलों का उपयोग करें। आम जनता की यह छोटी सी भागीदारी न केवल प्लास्टिक कचरे के पहाड़ को घटाएगी, बल्कि श्रमसाध्य काम में जुटी महिलाओं के परिवारों को सीधी आर्थिक मदद भी पहुंचाएगी।

 

योगी सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप आगरा नगर निगम का यह एकीकृत मॉडल स्वच्छ, हरित और आत्मनिर्भर शहर की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभर रहा है।

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