बेहतर पोषण के लिए टीबी मरीजों को वितरित की गई पोषण पोटली
– यूएनएम फाउंडेशन के सहयोग से 50 टीबी मरीजों को वितरित की गई पोषण पोटली
– टीबी मरीजों के सहयोग को आमजन से की गई अपील
आगरा, 28 अक्टूबर 2026।
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जनपद आगरा में टीबी/क्षय रोग से ग्रसित और उपचारित टीबी मरीजों को पोषण एवं भावनात्मक सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से पोषण पोटली का वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर यूएनएम फाउंडेशन (टॉरेंट ग्रुप) आगरा की तरफ से टीबी मरीजों को उपलब्ध कराई गई पोषण पोटली प्रदान कर उन्हें उपचार के दौरान पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने तथा उनके शीघ्र स्वस्थ होने में सहयोग देने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को टीबी उन्मूलन के अभियान से जोड़ना तथा टीबी मरीजों के प्रति सहयोग, संवेदनशीलता एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करना है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुखेश गुप्ता ने कहा कि टीबी का उपचार पूर्ण रूप से संभव है। मरीजों को नियमित रूप से दवा लेने के साथ-साथ पौष्टिक आहार और परिवार एवं समाज के सहयोग की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि “टीबी के विरुद्ध लड़ाई केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक सक्षम व्यक्ति आगे आकर नि:क्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को पोषण एवं मानसिक सहयोग प्रदान करें और टीबी मुक्त आगरा के संकल्प को मजबूत बनाएं।”
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जनपद में टीबी उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर व्यापक स्तर पर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को समय पर जांच, निःशुल्क उपचार, नियमित दवा, पोषण एवं आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने समाजसेवी संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से अपील की कि वे नि:क्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को गोद लेकर पोषण पोटली उपलब्ध कराकर उनके उपचार में सहयोगी बन सकते हैं।
इस अवसर पर डॉ शशि कांत राहुल उप जिला क्षय रोग अधिकारी द्वारा आमजन से अपील की गई है कि दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी, लगातार बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना अथवा भूख कम लगने जैसे लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच अवश्य कराएं। टीबी की पहचान एवं उपचार में देरी न करें और उपचार को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार पूरा करें।














