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गिरिडीह कॉलेज में संताली भाषा में एमए की पढ़ाई शुरू कराने की मांग, संताली स्टूडेंट्स यूनियन ने कुलसचिव को सौंपा आवेदन

गिरिडीह झारखंड से अमित अग्रवाल की रिपोर्ट

  • स्नातक के बाद उच्च शिक्षा के लिए दूसरे स्थानों पर जाने को मजबूर हैं विद्यार्थी, कॉलेज में ही पीजी की पढ़ाई शुरू कराने की उठाई आवाज

गिरिडीह। गिरिडीह कॉलेज, गिरिडीह में संताली भाषा में एमए की पढ़ाई शुरू कराने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में संताली स्टूडेंट्स यूनियन, गिरिडीह कॉलेज की ओर से विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के कुलसचिव को आवेदन सौंपा गया है। आवेदन प्राचार्य के माध्यम से भेजते हुए छात्र-छात्राओं ने संताली भाषा में स्नातकोत्तर (एमए) की पढ़ाई शुरू कराने की मांग की है।

यूनियन ने अपने आवेदन में कहा है कि संताली भाषा भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल है। ऐसे में इस भाषा में उच्च शिक्षा की समुचित व्यवस्था होना आवश्यक है। गिरिडीह कॉलेज में संताली विषय की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या भी अच्छी-खासी है। इसके बावजूद स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद विद्यार्थियों को संताली भाषा में एमए करने के लिए दूसरे स्थानों का रुख करना पड़ता है। इससे उन्हें आर्थिक परेशानियों के साथ-साथ कई अन्य कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

संताली विषय के विद्यार्थियों की संख्या दे रही मांग को मजबूती

यूनियन की ओर से आवेदन में विभिन्न शैक्षणिक सत्रों में संताली विषय के विद्यार्थियों की संख्या का विवरण भी प्रस्तुत किया गया है। इसके अनुसार, सत्र 2019-2022 में 81, सत्र 2020-2023 में 29, सत्र 2021-2024 में 131, सत्र 2022-2025 में 114, सत्र 2023-2027 में 104, सत्र 2024-2028 में 115, सत्र 2025-2029 में 134 तथा सत्र 2026-2030 में 130 छात्र-छात्राओं के नाम दर्ज हैं। ये आंकड़े संताली भाषा में उच्च शिक्षा की आवश्यकता को दर्शाते हैं।

अपने ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा चाहते हैं विद्यार्थी

छात्र-छात्राओं का कहना है कि गिरिडीह कॉलेज में संताली भाषा में एमए की पढ़ाई शुरू होने से स्थानीय विद्यार्थियों को काफी राहत मिलेगी। उन्हें स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे समय और धन की बचत होने के साथ-साथ संताली भाषा के अध्ययन एवं विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

यूनियन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से विद्यार्थियों के भविष्य और उनकी शैक्षणिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर सकारात्मक पहल करने की अपील की है। आवेदन की प्रतिलिपि राज्यपाल, झारखंड के लोक भवन, कुलपति विनोबा भावे विश्वविद्यालय, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग तथा झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी भेजी गई है।

संताली स्टूडेंट्स यूनियन का कहना है कि गिरिडीह कॉलेज में एमए की पढ़ाई शुरू होना संताली भाषा के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के नए अवसर खोलेगा और क्षेत्र में मातृभाषा आधारित शिक्षा को मजबूती प्रदान करेगा।

Shakeer Akhtar
Author: Shakeer Akhtar

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