*खुले और असुरक्षित नाले हादसों को दे रहे न्योता, क्या नगर निगम किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? — विनय अग्रवाल*
आगरा, 11 सितंबर 2026।
समाजवादी पार्टी आगरा दक्षिण विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी विनय अग्रवाल आज वार्ड डेरा सरस, खिड़की काले खाँ, मोती कटरा क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने एडवोकेट सतीश नरवार के मकान के सामने स्थित टूटे हुए नाले का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि नाले की बाउंड्री वॉल लंबे समय से टूटी हुई है और सुरक्षा के लिए कोई बैरिकेडिंग भी नहीं की गई है। यह क्षेत्र घनी आबादी वाला है, जहां छोटे-छोटे बच्चे खेलते हैं तथा महिलाएं और बुजुर्ग भी आसपास रहते हैं। दलित समाज के लोग ज्यादा रहते हैं l ऐसे में किसी भी समय कोई व्यक्ति खुले और असुरक्षित नाले में गिरकर गंभीर हादसे का शिकार हो सकता है।
विनय अग्रवाल ने कहा कि स्थानीय लोगों के अनुसार कम से कम पांच महीने से नाले की सुरक्षा दीवार टूटी पड़ी है, लेकिन नगर निगम द्वारा अभी तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। सुरक्षा की दृष्टि से यहां तत्काल बैरिकेडिंग और स्थायी सुरक्षा दीवार बनाई जानी चाहिए थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि आगरा में ऐसे अनेकों स्थान हैं, जहां नालों की बाउंड्री वॉल नहीं है या टूटी हुई है। नगर निगम प्रशासन आखिर किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है? विनय अग्रवाल ने कहा कि आगरा में हाल ही में नालों से जुड़े हादसों में लोगों की जान जा चुकी है। केदार नगर में सिंधी समाज के ओमप्रकाश जी की जान गई, धूलियागंज में जाटव समाज की महिला की जान गई और सुभाष बाजार में नाले में गिरने के बाद एक महिला कई दिनों तक लापता रही तथा छह दिन बाद उसका पता चला। इन घटनाओं के बावजूद यदि खुले और असुरक्षित नालों की सुरक्षा व्यवस्था नहीं की जाती है तो यह बेहद गंभीर लापरवाही है।
उन्होंने कहा कि आगरा को स्मार्ट सिटी बनाने के नाम पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बातें हुईं, लेकिन आज भी शहर में खुले नाले, टूटी सड़कें, जलभराव और गंदगी जैसी समस्याएं मौजूद हैं। आखिर स्मार्ट सिटी का पैसा कहां गया? जनता इसका जवाब मांग रही है। विनय अग्रवाल ने नगर निगम प्रशासन से मांग की कि मोती कटरा स्थित इस नाले की सुरक्षा दीवार तत्काल बनवाई जाए और तब तक सुरक्षा के लिए मजबूत बैरिकेडिंग की जाए। साथ ही आगरा के सभी खुले और खतरनाक नालों का सर्वे कराकर उनकी सुरक्षा दीवार बनाई जाए तथा जहां संभव हो, नालों को पूरी तरह ढकवाया जाए, ताकि भविष्य में कोई बच्चा, महिला, बुजुर्ग या राहगीर हादसे का शिकार न हो।
उन्होंने कहा कि जनता को हादसों से बचाना नगर निगम की जिम्मेदारी है। हादसा होने के बाद मुआवजा देने से बेहतर है कि समय रहते सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं।नाला निरीक्षण के दौरान प्रमुख रूप से परवेज खान, वीरेंद्र सिंह चौहान, राकेश गोला, अंकेश वशिष्ठ, एडवोकेट किशन सिंह नरवार, हिमांशु यादव, भानु प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
खिड़की काले खान स्थित सतीश वाल्मीकि जी की माता जी का देहांत हो गया था, उनके निवास पर पहुंचकर विनय अग्रवाल ने शोक संवेदना प्रकट की















