*आगरा में हाई अलर्ट, ट्रैक्टर मार्च से पहले किसान नेता हाउस अरेस्ट, पुलिस से झड़प*
आगरा, 18 सितम्बर। यूजीसी के नए एक्ट वापस लेने की मांग को लेकर किसानों द्वारा आज शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर ट्रैक्टर मार्च और कलक्ट्रेट घेराव के ऐलान को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आंदोलनकारियों ने पांच हजार ट्रैक्टर-ट्रॉली और 50 हजार लोगों के साथ कलक्ट्रेट कूच का दावा किया है। इसके बाद प्रशासन विगत रात से ही एक्शन मोड में आ गया। तड़के सुबह से ही जिले की सीमाओं, एत्मादपुर, कुबेरपुर, बरहन रोड, रामबाग, प्रतापपुरा, रमाडा होटल कट और कलेक्ट्रेट के सभी एंट्री पॉइंट्स पर भारी पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई। हर चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाई गई है।
खुफिया इनपुट के आधार पर कई किसान नेताओं और संगठनों के पदाधिकारियों को घरों में ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। पुलिस उनके घरों के बाहर पहरा दे रही है।
बताया जा रहा है कि आंदोलन को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ता गांव-गांव जनसंपर्क कर रहे थे, इसी से प्रशासन ने एहतियातन बीएनएसएस की धारा 163 (सीआरपीसी की धारा 144) और ड्रोन से निगरानी की तैयारी कर ली है। इससे पहले भी ट्रैक्टर मार्च रोकने के लिए पुलिस ने बुलडोजर से रास्ते बंद किए थे। बीएनएसएस की धारा 163 प्रशासन को किसी क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की शक्ति देती है। इसके तहत एक साथ चार या अधिक लोगों के इकट्ठा होने, धरना-प्रदर्शन करने या हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। आंदोलनकारियों का कहना है कि रोके जाने पर वहीं अनिश्चितकालीन धरना देंगे। जिला प्रशासन ने कहा कि शांति व्यवस्था पहली प्राथमिकता है, कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा।
एत्मादपुर में प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हो गई। सिस्टम सुधार संगठन के प्रदेशाध्यक्ष अंशुमन ठाकुर के नेतृत्व में सवर्ण समाज और किसान संगठन के लोग गांव सवाई से ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए कलक्ट्रेट घेराव के लिए जा रहे थे। पुलिस ने रैली को रोकने का प्रयास किया तो झड़प हो गई। मौके पर पहुंचे एसीपी ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। समझाने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और रैली को वहीं रोक दिया गया।















