WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.49 P
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.49 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.48 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.51 P
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.51 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.50
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.50 PM

यूपी रोडवेज इम्प्लाइज यूनियन ने आगरा क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के खिलाफ आंदोलन का किया ऐलान, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

*यूपी रोडवेज इम्प्लाइज यूनियन ने आगरा क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के खिलाफ आंदोलन का किया ऐलान*

Oplus_131072

 

आगरा: यूपी रोडवेज इम्प्लाइज यूनियन, आगरा ने क्षेत्रीय प्रबंधक को एक ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में निगम प्रबंधन द्वारा की जा रही मनमानी, कर्मचारियों के शोषण, उत्पीड़न और व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त रुख अख्तियार किया है। यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष पं. राम जी त्रिपाठी और महामंत्री तेज बहादुर शर्मा के अनुसार, आगरा क्षेत्र में निगम और जनहित की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे संचालन का स्तर दिन-प्रतिदिन गिर रहा है। यूनियन ने आरोप लगाया है कि मुख्यालय के आदेशों की खुली अवहेलना हो रही है और प्रवर्तन कार्यों में लगे कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।

*मुख्य आरोप और समस्याएं:*

भ्रष्टाचार का बोलबाला: चेकिंग, बैगवाइज, डिपो कार्यालय और डीजल अनुभाग कथित रूप से ‘सुविधा शुल्क’ के अड्डे बन गए हैं।

आर्थिक नुकसान: कुप्रबंधन के कारण 100 से अधिक बसें डिपो कार्यशालाओं में खड़ी रहती हैं, जिससे निगम को भारी आर्थिक क्षति हो रही है।

कर्मचारी शोषण: यूनियन पदाधिकारियों और सदस्यों का उत्पीड़न किया जा रहा है और अनुशासनात्मक मामलों व स्थानांतरणों में मनमानी की जा रही है।

सेवाओं में अनियमितता: मथुरा डिपो में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा का संचालन निर्धारित मार्गों से हटकर हो रहा है, जिससे आम जनता को लाभ नहीं मिल पा रहा है।

*यूनियन की प्रमुख मांगें:*

पूर्व में हुए द्विपक्षीय वार्ताओं में बनी सहमति को तत्काल लागू किया जाए।

चालकों और परिचालकों के आर्थिक शोषण को बंद किया जाए।

डीजल औसत और लोडफैक्टर में गिरावट के लिए सीधे तौर पर संबंधित सुपरवाइजर्स/अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाए।

इलेक्ट्रिक बसों के लिए स्थायी मार्ग और समय-सारणी तत्काल निर्धारित की जाए।

यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि 15 दिनों के भीतर प्रबंधन ने इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो यूनियन बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी।

Ronda Faulk
Author: Ronda Faulk

Leave a Comment