सिंगरौली की बेटी शालिनी गुप्ता ने लंदन में बढ़ाया भारत का मान, संघर्ष और शिक्षा से लिखी सफलता की नई इबारत

रिपोर्ट: एके बिन्दुसार (प्रधान- संपादक)

सिंगरौली। सिंगरौली जिले के मोरवा की बेटी शालिनी गुप्ता ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के दम पर इंग्लैंड की राजधानी लंदन में अपनी पहचान बनाकर पूरे जिले, प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है। छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंची उनकी सफलता आज युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

मोरवा की साधारण गलियों से शुरू हुआ शालिनी गुप्ता का सफर आज अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुका है। प्रारंभिक शिक्षा क्राइस्ट ज्योति स्कूल, सिंगरौली से प्राप्त करने के बाद उन्होंने भोपाल से स्नातक एवं दिल्ली से एमबीए की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद अहमदाबाद में अपने करियर की शुरुआत की और लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन, ईमानदारी तथा समर्पण के बल पर सफलता की नई ऊंचाइयों को छूते हुए आज लंदन में अपनी सेवाएं दे रही हैं।

इस प्रेरणादायक सफलता के पीछे माता-पिता का त्याग, विश्वास और वर्षों का संघर्ष छिपा है। पिता राजेश गुप्ता एवं माता रीता गुप्ता ने बेटी को केवल शिक्षा ही नहीं दी, बल्कि हर कठिन परिस्थिति में उसका मनोबल बढ़ाकर उसके सपनों को नई उड़ान दी। आज उनकी परवरिश और संस्कार की बदौलत शालिनी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ा रही हैं।

गुप्ता परिवार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाला परिवार माना जाता है। बड़े पुत्र अमन गुप्ता ने मुंबई से बी.टेक. एवं सीएस की शिक्षा प्राप्त की, जबकि छोटे पुत्र वर्तमान में यूपीईएस विश्वविद्यालय, देहरादून में उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं। यह परिवार समाज के लिए इस बात का उदाहरण बन गया है कि शिक्षा ही सबसे बड़ी विरासत और सबसे मजबूत निवेश है।

शालिनी गुप्ता की उपलब्धि आज केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे सिंगरौली, मोरवा और शाह समाज के लिए गर्व का विषय बन गई है। उनकी सफलता उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का साहस रखती हैं।

यह उपलब्धि इस बात का भी प्रमाण है कि मजबूत संकल्प, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और परिवार का सहयोग किसी भी प्रतिभा को वैश्विक पहचान दिला सकता है। सिंगरौली की बेटी शालिनी गुप्ता ने अपनी सफलता से न केवल जिले का नाम रोशन किया है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का एक स्वर्णिम अध्याय भी लिखा है।

प्रीती राय

Shakeer Akhtar
Author: Shakeer Akhtar

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