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कबाड़ दुकानदारों के द्वारा जीएसटी की भारी चोरी जिम्मेदार मौन हर महीने राजस्व की लाखों की हो रही है छति

रिपोर्ट: सत्यदेव पांडे ( ब्यूरो चीफ- सोनभद्र)

चोपन/सोनभद्र – ‌ विशेष सूत्रों के द्वारा ज्ञातम हुआ है थाना क्षेत्र अंतर्गत कबाड़ दुकानदारों के द्वारा फर्जी जीएसटी बिल लगाकर गाड़ियों का संचालन किया जा रहा है और अपने दुकान की ओरिजिनल जीएसटी बिल और इबे बिल का प्रयोग नहीं किया जा रहा है गाड़ी लोड हो रही है चोपन से बिल लग रहा है रांची का जिस वजह से राजस्व को महीने में लाखों का चूना लग रहा है जनपद के कई जगहों पर व्यवसाईयों के द्वारा इसी तरह फर्जी बिल का संचालन बहुत तेजी से हो रहा है इससे यह महसूस होता है कि इसमें सेल टैक्स विभाग की मिलीभगत है जिससे कबाड़ दुकानदारों का हौसला बुलंद हो चुका है और साथ ही इन लोगों के द्वारा जो भी माल खरीदा जाता है किसी भी प्रकार का कोई प्रमाण नहीं रखा जाता है नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में हो रही चोरियों से इन लोगों पर किसी भी प्रकार का कोई अंकुश नहीं है खुले आम माल ले रहे हैं और इसे बगैर सरकारी टैक्स भरे माल का संचालन खुले आम कर रहे हैं इस पर शासन और प्रशासन का कोई दबाव नहीं है सुत्र बताते हैं कि व्यवसाईयों के द्वारा कहा जाता है कि प्रशासन क्या कर लेगी उसे हम खर्च देते हैं इसलिए इस पर अंकुश लगाना अति आवश्यक है जिससे कि इन लोगों के गंदे फसलों पर लगाम लग सके और नगर में चोरी बंद हो सके और सरकारी टैक्स कि जो क्षति हो रही है इन लोगों के द्वारा ओरिजिनल अपने दुकान का जीएसटी बिल और इबे बिल लगाकर माल संचालन करने का आदेश पारित प्रशासन करें जिससे कि राजस्व की जो क्षति हो रही है वह ना हो और मनबढ़ हौसला बुलंद कबाड़ व्यवसाय अंकुश में रहे इन लोगों को शासन और प्रशासन का कोई डर नहीं है और बिना किसी डर भय के यह खरीद फरोख्त कर रहे हैं जबकि निर्माता इन लोगों के द्वारा जिन व्यक्तियों से माल खरीदा जा रहा है उनका माल के साथ फोटो एवं आधार कार्ड मोबाइल नंबर अवश्य होना चाहिए कि जिससे कहीं भी चोरी हुआ हो तो यह पता चल सके कि फलाने दुकान पर मिला उस दुकान दार के पास उसका आधार कार्ड फोटो और माल है जिससे प्रशासन को चोर को पकड़ने में आसानी हो लेकिन किसी भी व्यवसाईयों के द्वारा इस तरह का काम नहीं किया जाता है और धमकी दी जाती है कि प्रशासन क्या कर लेगी हम पैसा देते हैं इसलिए प्रशासन को इस पर अपना ध्यान आकर्षित करना चाहिए और इन लोगों के जीएसटी बिल को चेक करना चाहिए कि महीने में किस दुकान से कितनी गाड़ियां लोड हो रही है और कितना जीएसटी बिल कट रहा है जिससे कि यह हौसला बुलंद इस्क्रेप व्यवसायी अपने दायरे के अंदर रहे और सरकारी टैक्स का चोरी ना करें |

Shakeer Akhtar
Author: Shakeer Akhtar

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