रामाषाण गाँव में कनकधारा यज्ञ का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भव्य समापन

रामाषाण गाँव में कनकधारा यज्ञ का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भव्य समापन।

 

 

 

बिहार।

_भोजपुर जिले के रामाषाण गाँव में पंडित आचार्य राहुल पाण्डेय के सानिध्य में संपन्न हुआ चतुर्थ दिवस अनुष्ठान_

 

 

 

बिहार राज्य के भोजपुर जिले के अंतर्गत आरा के समीप स्थित रामाषाण गाँव में आयोजित चतुर्थ दिवस कनकधारा यज्ञ का समापन वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान के साथ अत्यंत श्रद्धा एवं उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। यह धार्मिक अनुष्ठान गाँव के समस्त श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का केंद्र बना रहा। यज्ञ के चतुर्थ दिवस का समापन प्रकांड विद्वान, वेदज्ञ एवं यज्ञाचार्य पंडित आचार्य राहुल पाण्डेय के पावन सानिध्य एवं मार्गदर्शन में संपन्न कराया गया।

 

यज्ञ में प्रातःकाल से ही यजमान एवं भक्तों की भीड़ यज्ञ स्थल पर एकत्रित होने लगी थी। वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार आचार्य राहुल पाण्डेय ने सभी ऋत्विजों के साथ मिलकर पूर्णाहुति, हवन एवं कनकधारा स्तोत्र का पाठ कराया। शुद्ध घी, समिधा, हवन सामग्री एवं औषधीय द्रव्यों से की गई आहुतियों से सम्पूर्ण वातावरण सुगंधित एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। वैदिक मंत्रों के स्वर गूँजते ही उपस्थित श्रद्धालु भक्ति भाव में डूब गए।

 

इस अवसर पर यज्ञ मंडप में ब्राह्मण देवताओं एवं क्षेत्र के प्रतिष्ठित विद्वानों की गरिमामयी उपस्थिति रही। यज्ञ की पूर्णता पर आचार्य जी ने अपने प्रवचन में कनकधारा यज्ञ के महत्व, धन-धान्य वृद्धि, सुख-समृद्धि एवं मनोकामना पूर्ति में इसके प्रभाव को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि श्रद्धा एवं नियमपूर्वक किए गए वैदिक अनुष्ठान न केवल यजमान के जीवन को, बल्कि सम्पूर्ण समाज एवं पर्यावरण को भी शुद्ध एवं सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं।

 

 

समापन समारोह में बड़ी संख्या में ब्राह्मण, यजमान एवं श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे। इस पावन अवसर पर जिन विशिष्टजनों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही, उनमें पंडित शेषनारायण ओझा उर्फ टनटन बाबा, पंडित सोनू पाण्डेय, यज्ञ के यजमान बिनोद पाण्डेय, पूजा पाण्डेय सहित गाँव एवं आसपास के क्षेत्रों से पधारे सैकड़ों भक्तगण सम्मिलित थे। सभी ने एक स्वर में वैदिक मंत्रों का उच्चारण कर यज्ञ की सफलता के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

 

यज्ञ की पूर्णाहुति के पश्चात ब्राह्मण भोज एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। प्रसाद ग्रहण करते समय श्रद्धालुओं के चेहरे पर संतोष एवं आनंद के भाव स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। ग्रामवासियों ने यजमान परिवार बिनोद पाण्डेय एवं पूजा पाण्डेय को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई दी तथा आचार्य राहुल पाण्डेय एवं समस्त पुरोहित मंडल के प्रति आभार व्यक्त किया।

 

चले इस धार्मिक अनुष्ठान ने रामाषाण गाँव को भक्ति, संस्कार एवं वैदिक परंपरा की मिसाल बना दिया। ग्रामवासियों का मानना है कि ऐसे आयोजन से न केवल धार्मिक चेतना जागृत होती है, बल्कि सामाजिक एकता एवं भाईचारे को भी बल मिलता है। यज्ञ के सफल समापन के साथ ही सम्पूर्ण क्षेत्र में शांति, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की गई।

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