१०० दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान में जनपद – एटा की प्रथम रैंक, रिपोर्ट इस्लाम खान

*राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम, जनपद – एटा।*

 

 

 

*१०० दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान में जनपद – एटा की प्रथम रैंक*

 

राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद एटा में 24 मार्च 2026 से 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान (वर्जन-02) का आयोजन किया जा रहा है। उक्त अभियान में चिन्हित जोखिम वाले आबादी में जाकर टीम स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी का निशुल्क X-Ray एवं अन्य जांच कर रही है। उक्त अभियान की समीक्षा अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश, शासन, लखनऊ द्वारा की गई। उक्त समीक्षा बैठक में जनपद एटा को प्रथम रैंक प्राप्त हुई। जिसमें विभिन्न गतिविधियों में जनपद एटा की उपलब्धि मानको के अधिक रही। उत्तर प्रदेश में कुल 19 जनपदों को प्रथम रैंक की श्रेणी में रखा गया है। जबकि अन्य जनपद क्रमशः द्वितीय,तृतीय एवं चतुर्थ रैंक की श्रेणी में रहे। जनपद एटा को कल 18 अंकों में से 18 पूर्ण अंक प्राप्त हुए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एटा, डॉ राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि जनपद में 227 उच्च जोखिम वाली आबादी के ग्राम के सापेक्ष 169 ग्रामों में आयुष्मान आरोग्य शिविरों का आयोजन किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 18 अर्बन क्षेत्र में भी आयुष्मान आरोग्य शिविर लगाए गए हैं।जिनमें निशुल्क एक्सरे व अन्य जांच कराई जा रही हैं। राज्य स्तर से प्राप्त निर्देश के क्रम में प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य शिविर में काम से कम 100 संभावित का पंजीकरण अनिवार्य है। जबकि जनपद एटा में सभी आयुष्मान आरोग्य शिविर में 122 के औसत से पंजीकरण हुआ है। जनपद में उपलब्ध तीन हैंड हेल्ड X-Ray मशीन के द्वारा उक्त आयुष्मान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। सभी आयुष्मान आरोग्य शिविर में 19909 की टीबी संबंधी स्क्रीनिंग की गई। जिसके सापेक्ष 12867 की जांच हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन द्वारा कराई गई है। जबकि 3841 संभावित रोगियों की जांच NAAT मशीन के द्वारा कराई गई है। उक्त 100 दिवसीय अभियान में जागरूकता हेतु जनपद में जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया गया है। जिसमें जनपद के माननीय विधायक, एम. एल. सी.,नगर पालिका परिषद अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुख, ग्राम प्रधान, जिला पंचायत एवं क्षेत्र पंचायत सदस्यों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा अभियान को सफल बनाने के लिए शिविर में प्रतिभाग करने के अतिरिक्त सहयोग की अपील सोशल मीडिया के माध्यम से की गई है। जनपद एटा में उक्त अभियान में टीबी चैंपियन का सहयोग भी लिया गया है। टीबी चैंपियन के सहयोग में जनपद एटा उत्तर प्रदेश में द्वितीय स्थान पर है। जिला पी.पी.एम.समन्वयक द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रचार प्रसार किया गया है, जिसमें जनपद एटा को प्रदेश में सातवां स्थान प्राप्त हुआ है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी एटा ने बताया कि जनपद में अभियान के अंतर्गत अब तक कुल 693 टीबी रोगी चिन्हित किए गए हैं। सभी का उपचार प्रारंभ कर दिया गया है। तथा सभी को निक्षय मित्र के द्वारा पोषण पोटली प्रदान कराई गई है। अभियान के अंतर्गत जनपद के स्कूलों एवं कॉलेजों में भी टीबी संबंधी जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कराया गया। टीबी कार्यक्रम में सहयोगी संस्थाओं एवं समाजसेवियों का भी विशेष सहयोग रहा है। अभियान के दौरान कुल 141 नए निक्षय मित्रों का भी पंजीकरण कराया गया है। इसके अतिरिक्त IMA द्वारा भी अभियान में विशेष सहयोग किया है। प्राइवेट सेक्टर के टीबी रोगियों की भी NAAT मशीन के द्वारा जांच कराई जा रही है। साथ ही उन्हें अन्य सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी एटा ने बताया कि अभियान में जनपद स्तरीय कर्मचारियों के साथ ही ब्लॉक स्तरीय कर्मचारियों ने भी विशेष योगदान किया है। वार्ता के समय मुख्य चिकित्सा अधिकारी एटा डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद के साथ जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर सतीश चंद्र नागर, दिलीप शर्मा, अरविंद सिंह चौहान, जिला पी.पी.एम. समन्वयक आशीष पाराशर, शिवानी यादव, जितेंद्र कुमार एवं पूनम यादव उपस्थित रहे।

 

*जिला क्षय रोग अधिकारी, एटा।*

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