वरिष्ठ पत्रकार एके बिंदुसार की खास रिपोर्ट।
पूर्वांचल में पूर्वांचल महापंचायत पार्टी का धमाका।
पूर्वांचल महापंचायत पार्टी, नव जन क्रांति पार्टी और बहुजन समता पार्टी ने पूर्वांचल एकता सम्मान गठबंधन की किया घोषणा।
उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव 2027 से जुड़ी एक बड़ी राजनीतिक हलचल वाराणसी से सामने आ रही है। पूर्वांचल की राजनीति में एक नया मोड़ आया है, जहां कई दलों ने एकजुट होकर ‘पूर्वांचल एकता सम्मान गठबंधन’ का ऐलान कर दिया है।”
“इस गठबंधन में पूर्वांचल महापंचायत पार्टी, नव जन क्रांति पार्टी और बहुजन समता पार्टी मुख्य रूप से शामिल हुई हैं। गठबंधन का सबसे बड़ा और मुखर मुद्दा है—’अलग पूर्वांचल राज्य’ की मांग। गठबंधन के नेताओं का आरोप है कि अब तक की सभी प्रमुख पार्टियों ने पूर्वांचल को केवल वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल किया है, जबकि यहां के संसाधन और विकास की हमेशा अनदेखी की गई है।”
“गठबंधन ने एक गंभीर तस्वीर पेश करते हुए कहा है कि उपजाऊ भूमि और खनिजों से समृद्ध होने के बावजूद, पलायन इस क्षेत्र की कड़वी सच्चाई बन चुका है। नेताओं का दावा है कि पूर्वांचल की 9 करोड़ जनता अब अपने अधिकारों के लिए जाग चुकी है और किसी भी कीमत पर अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी। खास बात यह है कि इस गठबंधन ने चुनाव में महिला प्रत्याशियों को बराबरी की हिस्सेदारी देने का वादा भी किया है।”
“वाराणसी में आयोजित प्रेस वार्ता में राजेश आजाद को इस गठबंधन का ‘प्रमुख संयोजक’ बनाया गया है। उनके साथ मिन्टू राजभर को संयोजक बनाया गया है अलीउद्दीन चाँद और डॉ. रश्मि अग्रवाल को सह-संयोजक के तौर पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही नरेंद्र प्रकाश श्रीवास्तव और रेखा श्रीवास्तव समेत कई अन्य वरिष्ठ नेता भी प्रेस वार्ता के मंच पर मौजूद रहे।”
“अब देखना यह होगा कि यह नया गठबंधन उत्तर प्रदेश की चुनावी बिसात पर कितना असर डाल पाता है और क्या अलग राज्य की यह मांग आने वाले समय में मुख्यधारा की राजनीति में कोई बड़ा बदलाव लाएगी? इस पर हमारी नज़र लगातार बनी रहेगी। फिलहाल के लिए इतना ही, बने रहिए हमारे साथ।”









