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फर्जी डिग्री और पंजीकरण प्रमाणपत्र के दुरुपयोग का आरोप, आयुष मंत्री से की जांच की मांग

फर्जी डिग्री और पंजीकरण प्रमाणपत्र के दुरुपयोग का आरोप, आयुष मंत्री से की जांच की मांग

 

अवैध क्लीनिक संचालन, फर्जी शपथपत्र और धोखाधड़ी के आरोपों से मचा हड़कंप

 

डिप्टी ब्यूरो चीफ मौ0रियाज अब्बास

 

मैनपुरी,जनपद से जुड़े एक चिकित्सकीय विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। एटा निवासी एक व्यक्ति ने उत्तर प्रदेश के आयुष मंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर एक चिकित्सक की डिग्री एवं पंजीकरण प्रमाणपत्र के कथित दुरुपयोग, अवैध क्लीनिक संचालन और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चिकित्सा कार्य किए जाने की शिकायत करते हुए उच्चस्तरीय जांच एवं कठोर कार्रवाई की मांग की है।

 

प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि मैनपुरी जनपद में संचालित एक क्लीनिक में पंजीकृत चिकित्सक के नाम और प्रमाणपत्रों का कथित रूप से दुरुपयोग कर लंबे समय से चिकित्सा कार्य किया जा रहा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि संबंधित चिकित्सक स्वयं उक्त क्लीनिक में चिकित्सा कार्य नहीं करते, जबकि दूसरे व्यक्ति द्वारा उनके नाम का उपयोग कर मरीजों का उपचार किया जा रहा है।

 

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में की गई शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान संबंधित क्लीनिक को सील किया गया था। इसके बावजूद कथित रूप से फर्जी शपथपत्र और भ्रामक तथ्यों के आधार पर मामले को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।

 

शिकायतकर्ता ने आयुष मंत्री से मांग की है कि पूरे प्रकरण की गोपनीय जांच कराई जाए तथा यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई की जाए। साथ ही कथित रूप से अवैध रूप से अर्जित संपत्ति, बिना पंजीकरण संचालित प्रतिष्ठानों और अन्य गतिविधियों की भी जांच कराने की मांग उठाई गई है।

 

प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि किसी चिकित्सक की डिग्री, पंजीकरण प्रमाणपत्र या पहचान का दुरुपयोग किया जा रहा है तो संबंधित प्रमाणपत्रों की वैधता एवं उपयोग की विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

 

फिलहाल इस मामले में संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी। ज्ञातव्य हो उक्त डॉ किसी अन्य चिकित्सक के कागजो पर ये अवैध अस्पताल चला रहा है उसकी भी जाँच होनी चाहिए और उस चिकित्सक के विरुद्ध कार्यवाही हो

 

मुख्य बिंदु–आयुष मंत्री को भेजा गया शिकायत पत्र चर्चा में।

 

चिकित्सकीय डिग्री एवं पंजीकरण प्रमाणपत्र के दुरुपयोग का आरोप।

 

अवैध क्लीनिक संचालन और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की शिकायत।

 

गोपनीय जांच और आपराधिक कार्रवाई की मांग।

 

जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी वास्तविक स्थिति।

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