मीनाक्षी नटराजन पर अब कोई आरोप ही नहीं है, आलेख शंकर देव तिवारी

मीनाक्षी नटराजन पर अब कोई आरोप ही नहीं है।

Oplus_131072

तमिलनाडु के जिस कोर्ट के सामने वह याचिका लाई गई थी जिसके आधार पर उनका नामांकन रद्द किया गया कोर्ट ने वह याचिका ही वापस कर दी है।
सुनवाई योग्य न मानते हुए फरियादी को वापस लौटाई।

अब क्या है?
अब एक शिकायत है और जिसका ना पहले था ना अब है मीनाक्षी से कोई संबंध।
ना कोई कानूनी स्टैंड।

इस तरह की जैसे कोई कहे कि फलाना आपके ट्वीट पर आकर यह कमेंट कर गया है इसलिए आप दोषी!

सुप्रीम कोर्ट ने तो सुनवाई की ही नहीं कोई भी कोर्ट करेगा तो उसे मनाना पड़ेगा की मीनाक्षी को चुनाव अधिकारी ने बिना गुनाह के सजा दे दी।
हां यह कह सकता है सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले
की तरह की चलो कोई बात नहीं इस बार भुगत लो अगली बार देखेंगे।

यही कहा था ना बंगाल के चुनाव में लाखों वोटरों को इस बार नहीं दे पाए तो कोई बात नहीं अगली बार दे लेना।

राहुल गांधी ने कहा है इस सीट चोरी।

मगर यह सीट का डाका है। खुलेआम डाला गया है और चुनाव अधिकारी से लेकर चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रपति कहीं सुनवाई नहीं।

अब राहुल गांधी का जन प्रतिरोध ही काम करेगा। यह डाका बहुत महंगा पड़ेगा। डाके से लोग डर तो जाते हैं मगर नफरत भी बहुत करते हैं।

Leave a Comment