अयोध्या के श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की रकम चोरी मामले में ट्रस्ट FIR दर्ज कराने के लिए तैयार नही

*अयोध्या के श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की रकम चोरी मामले में ट्रस्ट FIR दर्ज कराने के लिए तैयार नही है. ट्रस्ट की ओर से एक इंटरनल कमेटी बनाई गयी है जो चोरी कांड की जांच करेगी.*

विपक्षी दलों के नेताओं पर मामूली मामलों में केस दर्ज कराने और ED-CBI का इस्तैमाल करने वाली BJP राममंदिर चोरी कांड में आरोपियों पर कार्रवाई नही करना चाहती. आखिर क्यों? क्या ट्रस्ट से जुड़े लोग ही इस वारदात में शामिल है. 4 साल से हो रही चोरी का यह मामला आखिर कितने करोड़ का है.

ठीक इसी तरह मंदिर के लिए खरीदी गयी जमीन को लेकर भी सवाल खड़े हुए थे. जमीन मंदिर के लिए खरीदी गयी लेकिन उस खरीद में भी आरोप लगे कि जमीन का वास्तविक मूल्य और खरीद मूल्य के बीच करोड़ों का अंतर है यानी कोई ब्रोकर था जो करोड़ों रूपये लील गया. उस मामले में भी सिर्फ आंतरिक जांच कराने का दावा किया गया था. मगर हुआ क्या- शून्य!

अखिलेश यादव ने जब इस मामले में सबसे पहले चोरी कांड की आवाज उठाई तो उन्हें टारगेट किया गया. मगर दैनिक जागरण जैसे बीजेपी के मुखपृष्ठ अखबार ने इस मामले में पूरे चोरीकांड की तहें उधेड़कर रख दी है. हर रोज दैनिक जागरण नये खुलासे कर रहा है.

सवाल यह भी है कि देश के अन्य बड़े मंदिरों की तरह इस मंदिर में चढ़ावे की रकम पर निगरानी के लिए कोई व्यवस्था क्यों नही की गयी. क्यों पारदर्शी व्यवस्था के नाम पर पर्दा डाला जा रहा है.

वैसे लाइट मूड में शंकराचार्य श्रीअविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने चंपत शब्द का विश्लेषण करके बताया था कि जहां इस शब्द को धारण करने वाला स्वंय विराजमान हो, वहां पारदर्शिता और ईमानदारी जैसे शब्द महत्वहीन है.

Leave a Comment