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श्री स्टूडेंट महाकाली मंडल ने अधिक मास की एकादशी पर किया गौ-सेवा का पावन कार्य, समाज को दिया सकारात्मक संदेश, रिपोर्ट इस्लाम खान

*श्री स्टूडेंट महाकाली मंडल ने अधिक मास की एकादशी पर किया गौ-सेवा का पावन कार्य, समाज को दिया सकारात्मक संदेश*

एटा। धार्मिक और सामाजिक कार्यों में सदैव अग्रणी रहने वाले स्थानीय युवाओं की संस्था ‘श्री स्टूडेंट महाकाली मंडल, एटा’ द्वारा अधिक मास की पवित्र एकादशी के पावन अवसर पर एक अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय पहल की गई। मंडल के युवा सदस्यों ने स्थानीय गोपाल गौशाला पहुंचकर बेसहारा और पूजनीय गौ-वंश की सेवा कर सनातन धर्म के संस्कारों को जीवंत किया।

तरबूज, गुड़ और हरी सब्जियों का कराया आहार

भीषण गर्मी और अधिक मास के इस विशेष संयोग पर गौ-माता को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से मंडल द्वारा विशेष व्यवस्था की गई थी। युवाओं ने अपने हाथों से गौ-माता को भारी मात्रा में ठंडे व रसीले तरबूज, पौष्टिक गुड़ तथा ताजा हरी सब्जियां खिलाईं। सनातन परंपरा में एकादशी के दिन गौ-सेवा का विशेष महत्व माना गया है, और युवाओं के इस प्रयास ने इस महत्व को और भी सार्थक बना दिया।

इस सेवा कार्य के दौरान उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष आर्यन वार्ष्णेय ने कहा:”गौ-माता में ३३ कोटि देवी-देवताओं का वास होता है। आज की युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और जीव-दया के प्रति संवेदनशील होना बेहद जरूरी है। हमारा यह छोटा सा प्रयास समाज के अन्य लोगों, विशेषकर युवाओं को जीव-सेवा के लिए प्रेरित करने का एक विनम्र संदेश है।”वहीं महामंत्री मानव वार्ष्णेय ने कहा कि केवल बातों से नहीं, बल्कि धरातल पर आकर कर्म करने से ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। गोपाल गौशाला के सेवादारों ने भी युवाओं के इस निस्वार्थ प्रयास की भूरी-भूरी प्रशंसा की और उन्हें आशीर्वाद दिया।इन सदस्यों की रही गरिमामयी उपस्थिति पुण्य के इस कार्य में मंडल के ऊर्जावान सदस्य कंधे से कंधा मिलाकर सेवा में जुटे रहे। इस अवसर पर मुख्य रूप से हिरदयांश देव,ज्ञानेश नंदन,जतिन वार्ष्णेय,प्रयास, सारांश, वरुण, प्रसंग, वंश, सिद्धार्थ ,शौर्य गंगादीप, मितांश देव,दिव्यांशू, नैतिक एवं मंडल के अन्य गणमान्य सदस्यगण मौजूद रहे।

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