*विश्वास भक्ति का आनंद है, विश्वास से ही मिलता पूर्ण परमानंद है l – निरंकारी संत*
*मानव जीवन का का परम लक्ष्य है परमात्मा की प्राप्ति- निरंकारी संत*
एटा- 27 मई 2026, – सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन आशीर्वाद से संत निरंकारी मिशन के तत्वाधान में निरंकारी सत्संग का आयोजन अवागढ़ के निकटवर्ती गॉव मंडनपुर में हुआ। यहाँ पर निरंकारी मिशन के जोनल इंचार्ज एचo केo अरोड़ा ने मानव परिवार को सम्बोधित करते हुए कहा – विश्वास भक्ति का आनंद है, विश्वास से ही मिलता पूर्ण परमानंद है l
मानव जीवन का परम लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति है लेकिन जब तक हम अपने श्रद्धेय की बातों पर यकीन नहीं करते हम मंजिल से दूर होते चले जाते हैं कण कण में परमात्मा मौजूद है जो जड़ चेतन को ऊर्जा प्रदान करता है इस शाश्वत सच्चाई की पहचान हम तब तक नहीं कर सकते जब तक की अज्ञानता ,भ्रम, अहंकार की बेड़ियों से मुक्त नहीं होते। सद्गुरु द्वारा प्राप्त ब्रह्म ज्ञान से ही मानव की सभी भ्रान्तियाँ समाप्त हो सकती है।
मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य प्रेम दया करुणा विनम्रता सहनशीलता जैसी दिव्या गुणो को आत्मसात करना है आपने कहा कि सत्संग में आने से मानव मन की पीड़ा समाप्त होती है और सच्ची आत्मिक शांति की अनुभूति होती है निरंकार को सर्वोच्च स्थान देने से ही मानव को जीते जी सच्ची भक्ति का अनुभव होता है। जब मानव को यह अहसास होता है कि समस्त संसार का संचालन कर्ता निरंकार प्रभु परमात्मा ही है तो उसके मन से कर्ता भाव समाप्त हो जाता है और समर्पण के साथ सुख दुःख की अवस्था से ऊपर उठकर जीवन यापन करता है।
निरंकारी सत्संग में जिला एटा के अवागढ़, जलेसर, कालियानपुर, निधोली कलां, एवं आगरा मथुरा आदि अनेक स्थानों से सैकड़ो निरंकारी श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मीडिया सहायक
(अमित कुमार )
संत निरंकारी मण्डल
ब्रांच एटा









