अलीगंज में रातभर गरज रही मशीनें, आखिर किसके संरक्षण में धरती का सीना चीर रहे खनन माफिया?

*एटा में अवैध खनन का काला खेल*

 

*अलीगंज में रातभर गरज रही मशीनें, आखिर किसके संरक्षण में धरती का सीना चीर रहे खनन माफिया?*

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*तुर्रम सिंह राजपूत✍️*

एटा। 25 मई, जनपद एटा के अलीगंज तहसील क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का खेल एक बार फिर खुलेआम प्रशासनिक दावों को चुनौती देता दिखाई दे रहा है। थाना एवं कस्बा राजा का रामपुर क्षेत्र में खनन माफिया बेखौफ होकर पूरी-पूरी रात जेसीबी और मिट्टी खोदने वाली भारी मशीनों से धरती का सीना चीरकर मिट्टी का अवैध दोहन कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों और अन्य तहसीलों में चल रही लगातार कार्रवाइयों के बावजूद अलीगंज क्षेत्र में खनन माफियाओं के हौसले बुलंद बने हुए हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात के अंधेरे में दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मिट्टी भरकर तेज रफ्तार से सड़कों पर दौड़ती हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर खेतों और सरकारी भूमि को गहरे गड्ढों में तब्दील किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसकी मिलीभगत से यह अवैध कारोबार इतने खुलेआम संचालित हो रहा है?

सूत्रों के अनुसार खनन माफिया इतने प्रभावशाली हो चुके हैं कि उन्हें प्रशासनिक कार्रवाई का कोई भय नहीं रह गया है। जहां एक ओर जलेसर और सदर तहसीलों में प्रशासन लगातार छापेमारी कर अवैध खनन पर कार्रवाई कर रहा है, वहीं अलीगंज क्षेत्र में खनन माफिया निर्भीक होकर नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। इससे प्रशासनिक कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।

जनचर्चाओं में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि आखिर अलीगंज क्षेत्र में खनन माफियाओं पर प्रशासनिक नरमी क्यों दिखाई दे रही है? क्या स्थानीय स्तर पर अफसरशाही का दबाव हावी है या फिर राजनीतिक संरक्षण के चलते खनन माफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही? जनता अब खुलकर यह मांग कर रही है कि प्रशासन केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि अलीगंज क्षेत्र में भी सख्त अभियान चलाकर अवैध खनन के इस काले कारोबार पर तत्काल रोक लगाए।

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