गंगा में डूबने से 17 वर्षीय सनी की मौत, पोस्टमार्टम में डूबने की पुष्टि: निर्दोषों को फंसाने व घटना को मोड़ने की साजिश का आरोप

गंगा में डूबने से 17 वर्षीय सनी की मौत, पोस्टमार्टम में डूबने की पुष्टि: निर्दोषों को फंसाने व घटना को मोड़ने की साजिश का आरोप- पुरानी रंजिश व पंचायत चुनाव के चलते रची जा रही साजिश, मृतक के पिता व कुछ लोगों पर घटना को दुर्घटना बताकर मोड़ने का आरोप।

भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी के निर्देश पर मीडिया की टीम लगी जांच में।

 

 

आर एस सैनी की खास रिपोर्ट।

मीरजापुर: रैयपुरिया घाट पर गंगा नदी में डूबने से 17 वर्षीय युवक सनी की मौत के मामले में नया आरोप सामने आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पूरी तरीके से डूबने से मौत होने की पुष्टि हो गई है, वहीं सूत्रों का दावा है कि मृतक के पिता और दो-तीन अन्य लोग मिलकर इस घटना को अलग रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।

क्या है पूरा मामला:

मृतक सनी पुत्र गोविंद लगभग 17 वर्ष का था और मंदबुद्धि बताया जा रहा है। घटना के दिन सुबह पिता गोविंद ने किसी बात पर उसे डांटा व मारपीट की थी। इसके बाद सनी घर से निकलकर राम आसरे नेता के घर के पास करीब 3-4 घंटे तक बैठा रहा। वहां से उठकर वह सीधे रैयपुरिया घाट पहुंचा, जहां कुछ लड़कियां स्नान कर रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सनी लड़कियों के सामने ही नदी में खेलने लगा और अचानक गहरे पानी में जाकर डूब गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट:

पुलिस द्वारा कराए गए पोस्टमार्टम में मौत का स्पष्ट कारण “पानी में डूबना” पाया गया है। शरीर पर चोट के अन्य कोई निशान नहीं मिले हैं।

साजिश का आरोप:

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ लोग पुरानी रंजिश व आगामी पंचायत चुनाव को देखते हुए इस हादसे की आड़ में निर्दोष लोगों को फंसाने का षड्यंत्र रच रहे हैं। वहीं, एक पक्ष का यह भी दावा है कि मृतक के पिता व दो-तीन अन्य लोग मिलकर पूरी घटना को सुनियोजित तरीके से ‘दुर्घटना’ का रूप देने की कोशिश कर रहे हैं ताकि अपनी पुरानी रंजिश निकाली जा सके इस संदर्भ में क्षेत्रीय थाना अदलहाट में कुछ लोगों का नाम देकर प्रार्थना पत्र दिया गया हैं सूत्रों के मुताबिक जांच के बाद जल्द ही उन लोगों के नाम का खुलासा हो सकता है।

पुलिस का रुख:

थाना अदलहाट पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट व बयानों के आधार पर हादसा माना जा रहा है। सभी बिंदुओं पर गहन जांच की जा रही है। यदि जांच में साजिश या घटना को मोड़ने के प्रयास के साक्ष्य मिलते हैं तो खड्यंत्र कारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

 

 

 

 

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