मनरेगा में 200 दिन रोजगार व 700 रुपये मजदूरी की मांग को लेकर एटा में धरना
‘मनरेगा बचाओ मोर्चा’ ने जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, बीबी ग्राम जी योजना वापस लेने की भी उठाई मांग
(ठाकुर अनिल सोलंकी जिला अध्यक्ष भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल एटा )
एटा , राष्ट्रीय आवाहन पर ‘मनरेगा बचाओ मोर्चा’ के तहत एटा में खेत मजदूरों एवं ग्रामीण संगठनों ने शुक्रवार को ग्राम पंचायत कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अपर जिला मजिस्ट्रेट (एसडीएम) के माध्यम से जिला अधिकारी को संबोधित एक पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मुख्य मांगों में कहा गया है कि केंद्र सरकार की नई ‘बीबी ग्राम जी’ योजना को वापस लेकर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून) को उसके पुराने स्वरूप में बहाल किया जाए। साथ ही मनरेगा में साल भर में 200 दिन रोजगार तथा प्रतिदिन 700 रुपये मजदूरी घोषित करने, बकाया मजदूरी का तुरंत भुगतान करने, बुजुर्ग मजदूरों, विधवाओं एवं विकलांगों को दस हजार रुपये मासिक पेंशन देने तथा सभी ग्रामीण मजदूरों को मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य, स्नातक तक मुफ्त शिक्षा व पक्के आवास की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मनरेगा वर्ष 2005 से लागू है, लेकिन वर्ष 2012 से इसमें पर्याप्त बजट आवंटन नहीं होने के कारण मजदूरों को 50 दिन से अधिक रोजगार नहीं मिल पाया, जबकि कानून 100 दिन की गारंटी देता है। उन्होंने कहा कि नई बीबी ग्राम जी योजना ग्रामीण मजदूरों के हित में नहीं है।
इस अवसर पर जिला सचिव सीपीएम एटा कामरेड राजाराम यादव, जिला कमेटी सदस्य इश्तियाक अली, नितिन कुमार,मोहम्मद इरफान, मोहम्मद फईम, रामकुमार सक्सेना, राज किशोर सिंह, डॉ. अखिलेश राजपूत सहित बड़ी संख्या में किसान-मजदूर उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों ने ‘किसान मजदूर एकता जिंदाबाद’ के नारे लगाए।








