अवैध खनन माफियाओं पर आधी रात का शिकंजा, तहसीलदार संदीप सिंह के ताबड़तोड़ छापे से थर्राया मिट्टी लूट गिरोह, दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त

*अवैध खनन माफियाओं पर आधी रात का शिकंजा, तहसीलदार संदीप सिंह के ताबड़तोड़ छापे से थर्राया मिट्टी लूट गिरोह, दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त*

 

*तुर्रम सिंह राजपूत✍️*

 

एटा/जलेसर, 15 मई। जनपद एटा की जलेसर तहसील में अवैध मिट्टी खनन के काले कारोबार पर प्रशासन ने आधी रात को बड़ा प्रहार करते हुए खनन माफियाओं के नेटवर्क में हड़कंप मचा दिया। उपजिलाधिकारी पीयूष रावत के सख्त निर्देशन में तहसीलदार संदीप सिंह ने 14 मई 2026 की देर रात करीब 11:30 बजे जलेसर क्षेत्र में अचानक छापेमारी कर अवैध मिट्टी से भरे दो ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ लिए। दोनों वाहनों को तत्काल जब्त कर कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

*प्रशासनिक सूत्रों* के अनुसार पकड़े गए वाहनों में एक ट्रैक्टर-ट्रॉली संख्या WYCE 4562 2140937 तथा दूसरा ट्रैक्टर-ट्रॉली संख्या QUTL 3840 5007497 शामिल है। दोनों वाहन बिना किसी वैध खनन अनुमति के मिट्टी परिवहन करते पाए गए। तहसील प्रशासन द्वारा जब्ती की कार्रवाई 14.05.2026 को हस्ताक्षरित आधिकारिक दस्तावेज के आधार पर की गई है।

बताया जा रहा है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध मिट्टी खनन का संगठित खेल चल रहा था। देर रात होने वाली इस अवैध खुदाई से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा था, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों की भूमि और सड़कों को भी नुकसान हो रहा था। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अवैध खनन से जुड़े लोगों में भारी बेचैनी देखी जा रही है।

*सूत्रों* का दावा है कि कुछ अंदरूनी तंत्र भी माफियाओं को प्रशासनिक गतिविधियों की सूचना पहुंचाने में लगे थे, लेकिन तहसीलदार संदीप सिंह ने अचानक कार्रवाई कर पूरे नेटवर्क को चौंका दिया। इस कार्रवाई को उन लोगों के लिए भी कड़ा संदेश माना जा रहा है जो अवैध खनन कारोबार को संरक्षण देने में लगे हुए थे।

उपजिलाधिकारी पीयूष रावत और तहसीलदार संदीप सिंह की इस सख्त कार्रवाई से स्पष्ट संकेत गया है कि जलेसर क्षेत्र में अवैध खनन अब किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और भी बड़े स्तर पर अभियान चलाकर पूरे नेटवर्क की जांच की जाएगी तथा दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि इस कार्रवाई के बाद बड़ा सवाल यह भी खड़ा हो गया है कि आखिर इतने लंबे समय से बिना अनुमति मिट्टी खनन का कारोबार किन लोगों के संरक्षण में फल-फूल रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को केवल वाहन पकड़ने तक सीमित न रहकर खनन माफियाओं के आर्थिक और राजनीतिक संरक्षणकर्ताओं तक भी पहुंचना चाहिए।

*उत्तर प्रदेश खनन नीति के प्रमुख प्रावधान*

उत्तर प्रदेश में किसी भी प्रकार का मिट्टी, बालू या खनिज खनन बिना वैध अनुमति, पर्यावरणीय स्वीकृति और परिवहन प्रपत्र के अवैध माना जाता है। अवैध खनन पर वाहन जब्ती, आर्थिक दंड, एफआईआर और जेल तक का प्रावधान है। खनिज संपदा की सुरक्षा और राजस्व संरक्षण के लिए राज्य सरकार ने जिलास्तर पर विशेष निगरानी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

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