सूरसदन में भव्य सम्मान समारोह, शिक्षा मित्र को बांटे गए 18 हजार के चेक, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

*योगी सरकार का बड़ा तोहफा, शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़कर हुआ 18,000 रुपये*

 

*- आगरा में 16 शिक्षामित्रों को 18 हजार का डमी चेक देकर किया गया सम्मानित*

 

*- जनपद आगरा के 2442 शिक्षामित्रों को मिलेगा योजना का सीधा लाभ*

 

*- शिक्षामित्रों में खुशी की लहर, योगी सरकार का जताया आभार*

 

*आगरा, 05 मई।* उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के बेसिक शिक्षा ढांचे को मजबूती देने वाले शिक्षामित्रों के हित में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। शिक्षामित्रों के वर्षों के अथक परिश्रम और शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को सम्मान देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके मानदेय में भारी वृद्धि की है। अब प्रदेश के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों को 10 हजार की जगह 18,000 रुपये प्रतिमाह का मानदेय मिलेगा, जो 01 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो चुका है। इस नए नियम के तहत शिक्षामित्रों को वर्ष में 11 महीने तक यह सम्मानजनक धनराशि प्राप्त होगी। आगरा जनपद के 2442 शिक्षामित्रों को भी इस मानदेय वृद्धि का सीधा लाभ मिला है।

 

*सूरसदन में भव्य सम्मान समारोह, शिक्षा मित्र को बांटे गए 18 हजार के चेक*

इस ऐतिहासिक निर्णय का उत्सव मनाने के लिए मंगलवार को आगरा के सूरसदन प्रेक्षागृह में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जनप्रतिनिधियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद गोरखपुर से लाइव प्रसारित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन को उपस्थित जनसमूह ने बड़े उत्साह के साथ सुना और देखा। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया विधायक, एमएलसी विजय शिवहरे, डॉ. धर्मपाल सिंह और चौधरी बाबूलाल की उपस्थिति में जनपद आगरा के 2442 शिक्षामित्रों को 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार किए गए मानदेय की धनराशि का डमी चेक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

 

*शिक्षामित्र शिक्षा तंत्र की रीढ़ हैं: कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य*

समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश की कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है। वर्ष 2017 से पहले शिक्षामित्रों को मात्र ₹3000 मानदेय मिलता था, जिसे योगी सरकार ने बढ़ाकर ₹18000 कर दिया है। शिक्षामित्र हमारे शिक्षा तंत्र की रीढ़ हैं और यह वृद्धि उनके श्रम का सम्मान है। उन्होंने शिक्षामित्रों से आह्वान किया कि वे “स्कूल चलो अभियान” को सफल बनाएं और बच्चों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार भी दें। उन्होंने बताया कि सरकार बच्चों की यूनिफॉर्म और सुविधाओं के लिए ₹1200 सीधे उनके खातों में भेज रही है, इसलिए बच्चों को उचित वेशभूषा में स्कूल लाना शिक्षकों और अभिभावकों की जिम्मेदारी है।

 

*अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की चिंता करती है सरकार: प्रो. एसपी सिंह बघेल*

केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि मानदेय 10 हजार से 18 हजार किया जाना योगी सरकार का बहुत बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि शिक्षा शेरनी का दूध है, जो इसे पीता है वही दहाड़ता है। उन्होंने अपील की कि शिक्षामित्र इस बढ़े हुए मानदेय का उपयोग अपने बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर करें, ताकि उनके बच्चे भविष्य में बीएसए जैसे उच्च पदों तक पहुंच सकें। यह निर्णय दर्शाता है कि सरकार अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की चिंता करती है, जिससे परिवारों का जीवन स्तर सुधरेगा।

 

*लर्निंग बाय डूइंग प्रदर्शनी की हुई जमकर सराहना*

कार्यक्रम के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा ‘लर्निंग बाय डूइंग लैब’ के अंतर्गत एक शानदार प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें बच्चों द्वारा किए जा रहे वैज्ञानिक नवाचार, शैक्षिक मॉडल और चित्र प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रहे। जिलाधिकारी मनीष बंसल और अन्य जनप्रतिनिधियों ने इन नवीन शैक्षिक तकनीकों की जमकर सराहना की।

 

*योगी जी ने हमारा भविष्य सुरक्षित कर दिया: लाभार्थी शिक्षा मित्र*

इस अवसर पर जनपद के विभिन्न विकास खंड से आए शिक्षा मित्र रघुवंशी कुशवाह (पिनाहट), विनीता यादव (बरौली अहीर), पुष्पा परमार (खेरागढ़), नीलम (शमशाबाद), संगीता भारती (नगर क्षेत्र), मोहित उपाध्याय (जगनेर), साधना भदौरिया (एत्मादपुर), जय सिंह धाकरे, ख्याली राम (अछनेरा), शिशुपाल सिंह (अकोला),  सुरेंद्र पाल सिंह (फतेहपुर सीकरी), सुधीर शर्मा (फतेहाबाद), पवन शर्मा (बिचपुरी), हरीशंकर (बाह), राज कुमार (खंदौली), हरनाथ सिंह (जैतपुर) को सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वाले शिक्षामित्रों की आंखों में खुशी और मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता साफ झलक रही थी।

 

*वर्जन-*

– इतने वर्षों की तपस्या सफल हुई। 18 हजार रुपये मानदेय मिलने से हमारे घर की आर्थिक तंगी दूर होगी। हम योगी सरकार के इस फैसले का हृदय से स्वागत करते हैं। *- रघुवंशी कुशवाह, सम्मानित हुए शिक्षा मित्र (पिनाहट)*

 

– सरकार ने हमारे योगदान को पहचाना, इसके लिए हम आभारी हैं। अब हम बिना किसी चिंता के स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा दे पाएंगे। *- ख्याली राम, सम्मानित हुए शिक्षा मित्र (अछनेरा)*

 

– यह वृद्धि हमारे लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है। 01 अप्रैल से इसे लागू करना सरकार की नेक नियत को दर्शाता है। *-  शिशुपाल सिंह, सम्मानित हुए शिक्षा मित्र (अकोला)*

 

– मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का विशेष धन्यवाद करना चाहती हूँ। उन्होंने हमारी पीड़ा को समझा और एक सम्मानजनक मानदेय देकर हमें समाज में सिर उठाकर जीने का अवसर दिया है। अब हमारा भविष्य सुरक्षित महसूस हो रहा है। *- पुष्पा परमार, सम्मानित हुईं शिक्षा मित्र (खेरागढ़)*

 

इस अवसर पर  जिलाधिकारी मनीष बंसल, मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार गौड़, डाइट प्राचार्य अनिरुद्ध सिंह, नगर शिक्षा अधिकारी सुमित कुमार सहित बेसिक शिक्षा विभाग के तमाम अधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे, जिन्होंने सरकार के इस क्रांतिकारी फैसले की सराहना की।

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