*एटा न्यूज़: स्मार्ट मीटर के खिलाफ भारतीय मीडिया फाउंडेशन का हल्ला बोल, ADM को सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन*
*एटा, 5 मई 2026*
जनपद एटा में स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा। भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल, जनपद एटा के पदाधिकारियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर जिलाधिकारी को माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। फाउंडेशन ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने स्मार्ट मीटर की जबरदस्ती बंद नहीं की तो बड़ा आंदोलन होगा।
प्रमुख मांगें क्या हैं?
ज्ञापन में फाउंडेशन ने तीन मुख्य मांगें रखीं:
1. प्रीपेड से पोस्टपेड का झांसा बंद हो: सरकार ने हाल ही में आदेश दिया है कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर को पोस्टपेड में बदल दिया जाएगा। फाउंडेशन ने मांग की कि यह नियम चुनाव के बाद दोबारा लागू न किया जाए। जनता को चुनावी लॉलीपॉप नहीं चाहिए।
2. 2800 रुपए का चार्ज खत्म हो:स्मार्ट मीटर लगाने के नाम पर उपभोक्ताओं से 2800 रुपए का अतिरिक्त चार्ज वसूला जा रहा है। फाउंडेशन ने इसे तत्काल बंद करने की मांग की।
3. पुराने मीटर वापस लगें: जिन घरों में स्मार्ट मीटर लग चुके हैं, वहां तुरंत पुराने मीटर लगाए जाएं। साथ ही किसी भी उपभोक्ता के यहां जबरदस्ती स्मार्ट मीटर न लगाया जाए।
कौन-कौन रहा मौजूद?
ज्ञापन देने वालों में राष्ट्रीय चेयरमैन एडवोकेट निशकांत शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सचिन गुप्ता, मंडल उपाध्यक्ष सत्यवीर शाक्य, सोनू गुप्ता, जिला अध्यक्ष ठाकुर अनिल सोलंकी, जिला संगठन सचिव नितिन तिवारी, जिला उपाध्यक्ष सुलेखा यादव, शिवम शाक्य, प्रदेश सचिव रोहित कुमार, जिला महासचिव अभिषेक तोमर, शहर अध्यक्ष इस्लाम खान, एडवोकेट ज्योति सोलंकी, ब्लॉक अध्यक्ष दयानंद यादव प्रमुख रूप से शामिल रहे।
इनके अलावा कृष्ण कुमार पाठक, प्रांशु तिवारी, भानु ठाकुर, राहुल कुमार, शुभ कुमार, प्रांजल दिवाकर, प्रियांशु यादव, सागर सोलंकी, हिमांशु पंडित, पंकज राठौर, रमा मिश्रा, नैना शर्मा, एडवोकेट पुष्पेंद्र बघेल, लाला बाबू खान, नेमा दिवाकर, अनुज कोहली, रिंकू खत्री समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन का आरोप: जनता की जेब पर डाका,
राष्ट्रीय चेयरमैन निशकांत शर्मा ने कहा कि स्मार्ट मीटर के नाम पर गरीब और मध्यम वर्ग की जेब पर डाका डाला जा रहा है। प्रीपेड मीटर में बैलेंस खत्म होते ही लाइट कट जाती है। रात-बिरात इमरजेंसी में लोग परेशान होते हैं। ऊपर से 2800 रुपए का बोझ अलग। यह सीधे-सीधे जनता का शोषण है।
जिला अध्यक्ष ठाकुर अनिल सोलंकी बोले कि सरकार चुनाव से पहले पोस्टपेड का झुनझुना थमा रही है। चुनाव बाद फिर वही प्रीपेड का खेल शुरू होगा। हम ऐसा नहीं होने देंगे। जबरदस्ती मीटर लगाने वालों की खैर नहीं।
प्रशासन को अल्टीमेटम,
फाउंडेशन ने एडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग की कि एक हफ्ते में इस पर फैसला हो। अगर सरकार ने स्मार्ट मीटर वापस नहीं लिए और चार्ज माफ नहीं किया तो भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन करेगा। गांव-गांव, घर-घर जाकर जनता को जागरूक किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल यूपी सरकार पूरे प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का अभियान चला रही है। सरकार का तर्क है कि इससे बिजली चोरी रुकेगी और बिलिंग पारदर्शी होगी। लेकिन एटा समेत कई जिलों में जनता इसका विरोध कर रही है। लोगों का कहना है कि मीटर तेज चल रहे हैं और बिल कई गुना आ रहा है। विपक्ष भी इसे चुनावी मुद्दा बना रहा है। अब भारतीय मीडिया फाउंडेशन भी इस लड़ाई में कूद गया है।
ज्ञापन के बाद एडीएम ने उचित माध्यम से मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाने का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि सरकार इस ज्ञापन पर क्या रुख अपनाती है।






