महिला पत्रकार सरिता सिंह की गुमशुदगी में ‘रूट मैप’ पर फोकस, नरायनपुर से चुनार और अदलहाट तक के CCTV कैमरों की जांच शुरू

*महिला पत्रकार सरिता सिंह की गुमशुदगी में ‘रूट मैप’ पर फोकस, नरायनपुर से चुनार और अदलहाट तक के CCTV कैमरों की जांच शुरू*

 

*हिंदी दैनिक पवन प्रभात एवं आशंका बुलेटिन में प्रकाशित खबरों को लेकर भारतीय मीडिया फाउंडेशन ने मीडिया इन्वेस्टिगेशन के साथ पुलिस प्रशासन से साक्ष्य संकलन में तेजी लाने की उठाई मांग*

 

*मिर्जापुर (अदलहाट):* जनपद के दीक्षितपुर क्षेत्र की महिला पत्रकार सरिता सिंह के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने के मामले में भारतीय मीडिया फाउंडेशन (BMF) नेशनल कोर कमेटी ने सक्रियता बढ़ा दी है। घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पत्रकार का पता न चलने पर यूनियन ने अब वैज्ञानिक साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच को आगे बढ़ाने की रणनीति तैयार की है।

CCTV कैमरों की जांच हेतु प्रमुख मांग: दो रूटों पर टिकी नजर-

मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय मीडिया फाउंडेशन के संस्थापक ए.के. बिंदुसार ने जांच का दायरा बढ़ाने के लिए पुलिस प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से पक्ष रखा है। यूनियन ने नरायनपुर से दो अलग-अलग दिशाओं में सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच की मांग की है:

1. रूट-1 (नरायनपुर से अदलहाट): चूंकि सरिता सिंह ने अंतिम बार नरायनपुर में होने, फोन पर अदलहाट थाने जाने की बात अपने परिजनों से कही थी, इसलिए इस मार्ग के सभी निजी और सरकारी कैमरों का मिलान आवश्यक है।

2. रूट-2 (नरायनपुर से चुनार तहसील): सरिता सिंह जिस पवन प्रभात समाचार पत्र की मिर्जापुर ब्यूरो चीफ है उस समाचार पत्र में एवं आशंका बुलेटिन में अलग-अलग दो तरह की प्रकाशित विरोधाभासी खबरों को देखते हुए चुनार मार्ग के फुटेज खंगाले जाना भी अनिवार्य है ताकि भ्रम की स्थिति स्पष्ट हो सके।

पवन प्रभात एवं आशंका बुलेटिन अखबार की खबरों में विरोधाभास: बीएमएफ ने लिया संज्ञान में —

बी एम एफ संस्थापक ए.के. बिंदुसार ने रेखांकित किया कि पत्रकार जिस समाचार पत्र से जुड़ी है, उसमें और आशंका बुलेटिन में प्रकाशित खबरों के अनुसार दो तरह की लोकेशन (चुनार और अदलहाट) का जिक्र है। इसी तकनीकी उलझन को सुलझाने के लिए यूनियन ने क्षेत्राधिकारी चुनार और थाना प्रभारी अदलहाट से अपेक्षा की है कि वे उक्त मार्गों के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर सरिता सिंह की अंतिम लोकेशन और दिशा का निर्धारण करें।

सुरक्षा और न्याय के लिए संकल्पित मीडिया यूनियन:

भारतीय मीडिया फाउंडेशन ने स्पष्ट किया है कि पत्रकार सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। यूनियन की अपनी विशेष मीडिया टीम भी पुलिस के साथ समन्वय बनाकर साक्ष्य जुटाने में सक्रिय है। संस्थापक ने कहा कि “हमारा उद्देश्य केवल सत्य तक पहुँचना और अपनी साथी पत्रकार की सकुशल बरामदगी सुनिश्चित करना है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सके। इसके लिए पुलिस प्रशासन से त्वरित और पारदर्शी जांच की अपेक्षा है।”

> “बिना साक्ष्यों के किसी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित नहीं है, इसलिए सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड्स की गहनता से पड़ताल की जाए ताकि पीड़ित पत्रकार को अविलंब न्याय मिल सके।”

> — *ए.के. बिंदुसार, संस्थापक, भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी,

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जांच की वर्तमान स्थिति-

वर्तमान में पुलिस और मीडिया की संयुक्त टीमें नरायनपुर बाजार और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी खंगाल रही हैं। 30 अप्रैल की रात 8:30 बजे के बाद सरिता सिंह किस वाहन से या किस दिशा में आगे बढ़ीं, यह इस केस की सबसे अहम कड़ी साबित होगी।

यहां हम प्रकाश डालेंगे दोनों अखबारों के खबर के मूल कंटेंट को-

दिए गए समाचार पत्रों के आधार पर, महिला पत्रकार सरिता सिंह की गुमशुदगी के मामले में दोनों समाचार पत्रों द्वारा प्रकाशित खबरों का क्रमवार विवरण नीचे दिया गया है:

1. समाचार पत्र: “पवन प्रभात” (मुख्य संवाददाता: राजेन्द्र पाण्डेय)

इस खबर में घटना का केंद्र चुनार’ को बताया गया है। विवरण इस प्रकार है:

फोन कॉल का दावा: खबर के अनुसार, 30 अप्रैल (गुरुवार) को थाना चुनार से फोन आया था। उन्हें बताया गया कि क्षेत्राधिकारी (सीओ) चुनार मैडम उनसे बात करने के लिए बुला रही हैं।

अंतिम लोकेशन: सरिता सिंह घर से चुनार के लिए निकलीं। रास्ते में उनकी छोटी बहन ने फोन किया, तो सरिता ने बताया कि वे चुनार पहुँचने वाली ही हैं और सीओ मैडम से मिलकर घर वापस आ जाएँगी।

 

 

2. समाचार पत्र: “आशंका बुलेटिन” (संवाददाता रिपोर्ट)

इस खबर में घटना का केंद्र ‘अदलहाट’ और ‘नरायनपुर’ को बताया गया है। विवरण इस प्रकार है:

फोन कॉल का दावा: इस रिपोर्ट के अनुसार, 30 अप्रैल को सरिता सिंह को अदलहाट से फोन पर बुलाया गया , जहाँ उन्हें एक महिला अधिकारी से मिलना था।

अंतिम लोकेशन: शाम करीब 6:00 बजे वह घर से निकलीं। नरायनपुर चौकी क्षेत्र से उनकी आखिरी बार फोन पर बातचीत हुई, जिसके तुरंत बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।

अब दो समाचार पत्रों के दो तरह के लोकेशन ने भ्रम में डाल दिया हैं जो विशेष गंभीर चिंता का विषय है।

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