एटा से कासगंज रेल लाइन पर काम शुरू
26 मई से शुरू होंगे टेंडर, सभी विभागों ने अपना सर्वे कर रिपोर्ट सौंपी
एटा और कासगंज के बीच वर्षों से लंबित पड़ी बहुप्रतीक्षित रेल लाइन परियोजना अब ज़मीन पर उतरने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रशासन और रेलवे से जुड़े सभी विभागों ने अपना सर्वे पूरा कर रिपोर्ट सौंप दी है, जिसके बाद अब 26 मई से टेंडर प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस कदम को परियोजना के लिए सबसे अहम पड़ाव माना जा रहा है।
करीब 27 किलोमीटर लंबी इस प्रस्तावित रेल लाइन के निर्माण पर लगभग ₹428 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। परियोजना के तहत एटा को सीधे कासगंज से जोड़ते हुए बीच में न्योराई, अचलपुर और रसूलपुर जैसे प्रमुख स्थानों पर स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। इससे दोनों जिलों के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा, जो अब तक नहीं था।
परियोजना के लिए लगभग 16 गांवों की करीब 112 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। राजस्व विभाग द्वारा गांव-गांव जाकर जमीन का मूल्यांकन किया जा चुका है और किसानों से बातचीत का दौर भी जारी है। मुआवजे को लेकर किसानों की मांगों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि किसी प्रकार का विवाद न हो और कार्य समय पर शुरू हो सके।
वर्तमान स्थिति की बात करें तो सर्वे, नक्शा और तकनीकी रिपोर्ट पूरी तरह तैयार हो चुकी है। जैसे ही टेंडर प्रक्रिया पूरी होगी, निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। अनुमान है कि यह परियोजना 2 से 3 वर्षों में पूरी हो सकती है।
इस रेल लाइन के बन जाने से एटा और कासगंज के बीच यात्रा काफी आसान और तेज हो जाएगी। साथ ही व्यापार, रोजगार और कृषि क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलेगा। किसानों को अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा होगी और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
कुल मिलाकर, एटा–कासगंज रेल लाइन अब सिर्फ एक योजना नहीं रह गई है, बल्कि जल्द ही ज़मीन पर दिखने वाली हकीकत बनने की ओर बढ़ रही है। आने वाले महीनों में इस परियोजना की प्रगति पर पूरे क्षेत्र की नजरें टिकी रहेंगी।
#etah #Kasganj #IRCTC #railway






