*ब्रेकिंग न्यूज़*
*”मिर्जापुर में फिर दिखी सत्ता की हनक: विधायक रमाशंकर सिंह पटेल ने सब-रजिस्ट्रार को दी खुली धमकी, बोले – ‘जिसे लिख देता हूं उसे ब्रह्मा भी नहीं बचा सकते'”*
*रिपोर्ट:*सिम्मी भट्टी नई दिल्ली!
मिर्जापुर जिले से एक बार फिर सत्ता की हनक और दबंगई का मामला सामने आया है। मड़िहान विधानसभा से भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री रमाशंकर सिंह पटेल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में खुलेआम अधिकारी को धमकाते नजर आ रहे हैं।
*क्या है पूरा मामला?*
वायरल वीडियो “News network” पर प्रसारित हुआ है। इसमें विधायक रमाशंकर सिंह पटेल सब-रजिस्ट्रार को सीधे शब्दों में धमकी देते दिख रहे हैं। उनके बयान के मुताबिक:
– *”जिसको लिख देता हूं उसको ब्रह्मा भी नहीं बचा सकते।”*
– *”हमको हल्के मत लिया करिये, हम वह विधायक नहीं हैं। पहले किसी को लिखता नहीं हूं।”*
– *”जिलाधिकारी के सामने कह रहा हूं, आधा तहसील हमारा भी है।”* a023
वीडियो में विधायक पुलिसकर्मियों और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में उंगली दिखाकर सब-रजिस्ट्रार को डांट रहे हैं। घटना मिर्जापुर जिले की बताई जा रही है।
*सवालों के घेरे में कानून व्यवस्था*
इस घटना के बाद विपक्ष और स्थानीय लोगों ने योगी सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कहा जा रहा है कि जब सत्ता पक्ष के विधायक ही खुलेआम अधिकारियों को धमकाएंगे तो आम जनता की सुनवाई कौन करेगा। वीडियो में विधायक का यह कहना कि “आधा तहसील हमारा है” प्रशासनिक व्यवस्था को सीधी चुनौती माना जा रहा है।
*कौन हैं रमाशंकर सिंह पटेल?*
रमाशंकर सिंह पटेल मड़िहान विधानसभा से भाजपा विधायक और पूर्व राज्यमंत्री रह चुके हैं। जनवरी 2026 में वे मिर्जापुर के मड़िहान क्षेत्र में SIR यानी स्पेशल समरी रिवीजन को लेकर हुई बैठक में भी शामिल हुए थे। वे क्षेत्र में सक्रिय भाजपा नेता माने जाते हैं। a38f
*प्रशासन की चुप्पी पर सवाल*
वीडियो वायरल होने के बाद भी अभी तक जिला प्रशासन या पुलिस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। न ही विधायक के खिलाफ किसी कार्रवाई की सूचना है। इससे यह संदेश जा रहा है कि क्या उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के “जीरो टॉलरेंस” और “माफिया मुक्त यूपी” के दावों के बावजूद सत्ता पक्ष के लोगों पर कार्रवाई नहीं हो रही?
*पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले*
मिर्जापुर में SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर पहले भी विवाद हो चुके हैं। समाजवादी पार्टी ने मिर्जापुर में लगभग एक लाख फर्जी फॉर्म-7 जमा कराने और सत्ता पक्ष द्वारा ईआरओ व उपजिलाधिकारियों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया था। अपना दल (एस) ने भी मतदाता सूची से विशेष समुदाय के नाम काटने का आरोप लगाया था। a023d1dc
*आगे क्या?*
जनता अब देख रही है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं। क्या विधायक पर वही कार्रवाई होगी जो आम आदमी पर होती है, या सत्ता का रसूख कानून पर भारी पड़ेगा? फिलहाल वीडियो पर 839 लाइक, 78 कमेंट और 52 शेयर हो चुके हैं, और लोग इसे “गुंडाराज की वापसी” बता रहे हैं।






