*आगरा नगर निगम में निजी कंपनी को ठेका देने के विरोध में कर्मचारियों का प्रदर्शन*
*अपर नगर आयुक्त बोले- अभी किसी कंपनी ने नहीं किया आवेदन, कर्मचारी घबराएं नहीं; शौचालय कर्मचारियों की मजदूरी की होगी जांच*
आगरा। नगर निगम में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को निजी कंपनी के हवाले किए जाने की आशंका को लेकर कर्मचारी संगठनों में नाराजगी देखने को मिली। सोमवार को कर्मचारी नेताओं ने नगर निगम परिसर में प्रदर्शन कर प्रस्तावित टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाए और कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा की मांग की।
इस दौरान अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने कर्मचारी नेताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि कर्मचारियों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टेंडर प्रक्रिया अभी प्रचलन में है, लेकिन फिलहाल किसी भी निजी कंपनी ने इसके लिए आवेदन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अभी किसी कंपनी के आने की स्थिति नहीं है। बैठक के दौरान सार्वजनिक शौचालयों पर कार्यरत कर्मचारियों को मात्र दो हजार रुपये मजदूरी दिए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कर्मचारी नेताओं ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कर्मचारियों को उचित मजदूरी दिलाने की मांग की। अपर नगर आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के बाद नियमानुसार मजदूरी दिलाने का भरोसा दिया।
उन्होंने शौचालय कर्मचारियों की मजदूरी से जुड़े मामले की जांच की जिम्मेदारी सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम को सौंपी। अब जांच के बाद ही कर्मचारियों को मिलने वाली मजदूरी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बैठक में सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम, अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार के अलावा कर्मचारी नेता विनोद इलाहवादी, सिकंदर सिंह, आजाद सिंह, राजकुमार विद्यार्थी और धर्मराज माथुर सहित अन्य कर्मचारी नेता मौजूद रहे। अब सवाल यह है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के भविष्य और उनके रोजगार की सुरक्षा के लिए नगर निगम क्या कदम उठाता है।
















