*विनियमित क्षेत्र के विकास कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करें अधिकारी: जिलाधिकारी*
*मल्टीपरपज हॉल निर्माण की गुणवत्ता एवं अन्य बिंदुओं की जांच के लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में गठित होगी समिति*
*भवन मानचित्रों के ऑनलाइन निस्तारण, तकनीकी परीक्षण एवं अभियंताओं की नियुक्ति के लिए भी दिए निर्देश*
एटा, 03 नवम्बर 2026 (सू0वि0)। जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट स्थित उनके कक्ष में विनियमित क्षेत्र की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विनियमित क्षेत्र के अंतर्गत संचालित एवं प्रस्तावित विकास कार्यों, भवन मानचित्रों की स्वीकृति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी परीक्षण तथा वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विनियमित क्षेत्र में स्वीकृत किए जाने वाले भवन मानचित्रों का व्यवस्थित अभिलेख रखा जाए तथा मानचित्रों के ऑनलाइन निस्तारण की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जाए। उन्होंने अभियंताओं के रिक्त पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति के लिए समिति गठित करने तथा निर्माण कार्यों एवं भवन मानचित्रों का तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित अभियंताओं द्वारा तकनीकी परीक्षण के उपरांत ही आवश्यक पत्रावलियां प्रस्तुत की जाएं, जिससे विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित हो सके।
बैठक में गेट नंबर-2 के पास निर्माणाधीन मल्टीपरपज हॉल की गुणवत्ता एवं अन्य बिंदुओं की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। समिति में अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग तथा अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत को सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। जिलाधिकारी ने समिति को स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही निर्माण कार्यों में पारदर्शिता एवं निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने के लिए एसडीएम रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में टेंडर कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। समिति में संबंधित अपर जिलाधिकारी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग तथा एटीओ को सम्मिलित किया जाएगा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विनियमित क्षेत्र के अंतर्गत कराए जा रहे निर्माण कार्यों की संबंधित कार्यदायी संस्थाएं पूर्ण पत्रावलियां प्रस्तुत करें। निर्माण कार्यों पर व्यय धनराशि के सापेक्ष उपभोग प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराए जाएं, ताकि कार्यों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति का सत्यापन कर नियमानुसार शेष धनराशि अवमुक्त करने की कार्यवाही की जा सके।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास एवं निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए तथा सभी कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए समयसीमा के भीतर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
बैठक में नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष सुधा गुप्ता, सहायक नगर नियोजक आगरा मंडल अस्मिता निगम, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी ललित अग्रवाल, अधिशासी अभियंता जल निगम (नगरीय) मोहम्मद तारिक, जिला पंचायत के प्रतिनिधि तथा एसडीएम/नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र एटा रविन्द्र कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।जिला सूचना कार्यालय एटा 👆🏻
















