*आंध्र तट से टकराया चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’, 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं*

_ओडिशा में 1.60 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, 30 उड़ानें रद्द; पांच राज्यों में एनडीआरएफ की 37 टीमें तैनात_
*एटा।* बंगाल की खाड़ी में उठा गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ सोमवार देर रात करीब एक बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराना शुरू हो गया। ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसापुर के बीच तूफान का लैंडफॉल जारी है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, तटीय इलाकों में 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं। झोंकों के साथ इनकी गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।
चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा सहित कई इलाकों में भारी बारिश हुई, जिससे सड़कें जलमग्न हो गईं। मौसम विभाग ने बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों के निचले इलाकों में समुद्री लहरों के कारण बाढ़ की आशंका जताई है। समुद्र में सामान्य से एक से डेढ़ मीटर ऊंची लहरें उठने का अनुमान है। दक्षिणी आंध्र प्रदेश में अगले 12 घंटों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
*30 उड़ानें रद्द, हवाई सेवाएं प्रभावित*
चक्रवात के चलते आंध्र प्रदेश के तीन हवाई अड्डों से 19 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि चेन्नई एयरपोर्ट से 11 उड़ानों का संचालन निरस्त करना पड़ा। इस तरह करीब 30 उड़ानें प्रभावित हुई हैं। यात्रियों को हवाई अड्डे पहुंचने से पहले संबंधित एयरलाइंस से उड़ानों की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
*ओडिशा में 1.60 लाख लोगों का सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया*
चक्रवात के खतरे को देखते हुए ओडिशा सरकार ने गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों से करीब 1.60 लाख लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राज्य में एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ और अग्निशमन विभाग के 300 से अधिक बचाव दल तैनात किए गए हैं। पुरी में भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की खबर है। रायगड़ा जिले के सभी 11 अग्निशमन केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया है।
*पांच राज्यों में एनडीआरएफ की 37 टीमें तैनात*
राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पांच राज्यों में एनडीआरएफ की 37 टीमें लगाई गई हैं, जिनमें 13 टीमें आंध्र प्रदेश में तैनात हैं। नेल्लोर, प्रकाशम और मार्कापुरम जिलों में 90 जवानों वाली तीन विशेष टीमें राहत-बचाव कार्यों के लिए तैयार हैं। बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों में तूफान का प्रभाव अधिक रहने की आशंका है।
*तमिलनाडु में भारी बारिश, कई इलाके जलमग्न*
चक्रवात का असर तमिलनाडु में भी दिखाई दे रहा है। चेन्नई के माधवरम में पिछले 24 घंटों के दौरान 11 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि एन्नोर पोर्ट और नुंगमबक्कम में 10-10 सेंटीमीटर वर्षा हुई। शहर के दो सबवे में पानी भर गया। पझावेर्काडु के समुद्र में करीब छह फीट ऊंची लहरें उठ रही हैं। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी चक्रवात के प्रभाव की आशंका जताई है।
*एक सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में दूसरा चक्रवात*
मौसम संबंधी जानकारी के अनुसार, ‘मुरासु’ नाम भारत ने दिया है। तमिल भाषा में मुरासु का अर्थ युद्ध का नगाड़ा होता है। एक नवंबर को बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ यह चक्रवाती सिस्टम महज 24 घंटे के भीतर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया। एक सप्ताह के भीतर बंगाल की खाड़ी में यह दूसरा चक्रवात बताया जा रहा है। इससे पहले 28 अक्टूबर को चक्रवात ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था, जिसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में छह लोगों की मौत होने की खबर थी।
फिलहाल मौसम विभाग और संबंधित राज्य सरकारें हाई अलर्ट पर हैं। प्रशासन ने तटीय एवं निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने, समुद्र तट से दूरी बनाए रखने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
















