रिपोर्ट: रामआसरे (प्रयागराज)
प्रयागराज। भारत मौसम विभाग, आंचलिक केन्द्र, लखनऊ द्वारा जारी मौसम बुलेटिन के अनुसार बंगाल की खाडी में विकसित हो रहे चक्रवाती मौसम तंत्र के प्रभाव से दिनांक-28 व 29 अक्टूबर, 2026 को उ0प्र0 के कई हिस्सों में तेज झोंकेदार हवाओं के साथ गरज-चमक, वज्रपात एवं भारी वर्षा की तीव्र सम्भावना व्यक्त की गयी है। राहत आयुक्त महोदय द्वारा जिला आपदा कंट्रोल रूम को 24×7 क्रियाशील रखने तथा संबंधित उप जिलाधिकारी तहसीलदार, पुलिस विभागए स्वास्थ्य एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के लिए कहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों को किसानों को कटाई के लिए तैयार फसलों की शीघ्र कटाई करने के लिए जागरूक किए जाने के लिए कहा है। कटी हुई फसल एवं खुले में रखे अनाज को सुरक्षित एवं ढके हुए स्थानों पर पहुँचाने हेतु मुनादी एवं स्थानीय माध्यमों से सूचना प्रसारित करायी जाए। प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों में जर्जर असुरक्षित मकानों एवं ढाँचों का त्वरित चिह्नांकन कर उनमें निवास कर रहे लोगों को पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से सूचित कराते हुये तत्काल राहत शिविरों या सुरक्षित भवनों में शिफ्ट कराया जाए। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में ढोल, मुनादी, स्थानीय मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से वज्रपात एवं तेज हवाओं से बचाव हेतु व्यापक प्रचार प्रसार करने के लिए कहा है। आमजन को सचेत एवं दामिनी एप को डाउनलोड कर जारी चेतावनियों का पालन करने हेतु प्रेरित करने के लिए कहा है। खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले मैदानों, जलभराव वाले क्षेत्रों, खेतों ओर ऊँचे वृक्षों के नीचे आश्रय न लेने की सलाह दी जाए। खराब मौसम में बाहर न निकलने की सलाह दी जाये व अनावश्यक आवागमन को नियंत्रित किया जाए। यदि किसी क्षेत्र में जनहानि, पशुहानी, मकान अथवा फसल क्षति की घटना होती है, तो आपदा राहत नियमों के तहत तत्काल राहत वितरण की कार्रवाई कराते हुए निर्धारित प्रारूप पर सूचना राहत आयुक्त कार्यालय व शासन को उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने सभी संबंधित अधिकारियों को राहत आयुक्त महोदय द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कहा है।
राम आसरे













