शिव मंदिर हेतु भूमि दान की खबर भ्रामक, वास्तविकता कुछ और — प्रभावित पक्ष का दावा
एटा,
हाल ही में दैनिक स्माचार में प्रकाशित दिनांक 17-04-2026 की खबर “शिव मंदिर निर्माण के लिए ग्रामीण ने दान दी जमीन” पूर्णतः भ्रामक एवं तथ्यों से परे है।
पक्ष राजकुमार शर्मा पुत्र रूपकिशोर शर्मा ने स्पष्ट किया है कि जिस भूमि को दान की बताकर प्रकाशित किया गया है, वह विवादित/निजी स्वामित्व की भूमि है और उस पर किसी भी प्रकार का वैध दान नहीं किया गया है। संबंधित व्यक्तियों हरीप्रसाद, वेदप्रकाश, हरीमोहन आदि द्वारा साजिशन गलत तथ्यों के आधार पर यह खबर प्रकाशित कराई गई है, जिससे वास्तविक स्वामी के अधिकारों का हनन हो रहा है।
पक्ष का कहना है कि:
उक्त भूमि पर पहले से स्वामित्व/कब्जे का विवाद लंबित है।
बिना सक्षम प्राधिकारी/कानूनी प्रक्रिया के कोई भी “दान” मान्य नहीं है।
तथाकथित अनुबंध/अनुबंध पत्र की सत्यता संदिग्ध है।
मंदिर निर्माण के नाम पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रार्थी ने प्रशासन से मांग की है कि:
इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
गलत खबर प्रकाशित कराने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए।
वास्तविक स्वामी के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
साथ ही मीडिया संस्थान से अनुरोध है कि बिना तथ्य सत्यापन के प्रकाशित खबर का तत्काल खंडन प्रकाशित किया जाए, जिससे आमजन में फैल रही भ्रम की स्थिति दूर हो सके।








