ओबरा तापीय परियोजना बिजली कर्मचारियों ने घेरा प्रबंधन, मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट सत्यदेव पांडे बीएमएफ ब्यूरो चीफ सोनभद्र
ओबरा (सोनभद्र) उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ (शाखा-ओबरा) ने अपनी लंबित मांगों और विभागीय समस्याओं को लेकर आंदोलन के द्वितीय चरण का बिगुल फूंक दिया है। इसी क्रम में संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने ओबरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी आवाज बुलंद की। बिजली कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर प्रबंधन से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान न निकलने के कारण उन्हें आंदोलन की राह चुननी पड़ी है। प्रथम चरण की सांकेतिक कार्रवाई के बाद, अब दूसरे चरण में कर्मचारियों ने लामबंद होकर मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय पर प्रदर्शन किया। ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के नेतृत्व में भारी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्य रूप से निम्नलिखित पदाधिकारी उपस्थित थे।
अजीत साहू (अध्यक्ष),प्रदीप कनौजिया (मंत्री),
यशपाल सिंह (उपाध्यक्ष),विनोद यादव (संगठन मंत्री),बनी व्रत बनर्जी, सुमित, अंजार खान, प्रबल टोपो आदि। कर्मचारी नेताओं ने मुख्य महाप्रबंधक को अवगत कराया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया और प्रबंधन का रुख उदासीन बना रहा, तो संघ आंदोलन को और अधिक उग्र करने के लिए बाध्य होगा। हमारा उद्देश्य कार्य बाधित करना नहीं, बल्कि अपने अधिकारों की रक्षा करना है। यदि प्रबंधन ने समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आगामी दिनों में कार्य बहिष्कार जैसे कठोर कदम उठाए जा सकते हैं। ज्ञापन लेने के पश्चात मुख्य महाप्रबंधक ने कर्मचारियों की बातों को गंभीरता से सुना और नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि प्रबंधन के इस आश्वासन से कर्मचारी संतुष्ट होते हैं या आंदोलन तृतीय चरण में प्रवेश करता है।







