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संगठन के विजन और अब तक के विभिन्न सम्मेलनों/दस्तावेजों में रेखांकित की गई 10 प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं

*भारतीय मीडिया फाउंडेशन (बीएमएफ) की राष्ट्रीय कोर कमेटी पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के अधिकारों, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार के समक्ष निरंतर अपनी आवाज उठाती रही है। संगठन के विजन और अब तक के विभिन्न सम्मेलनों/दस्तावेजों में रेखांकित की गई 10 प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:*

एके बिंदुसार
संस्थापक
भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी नई दिल्ली।

1- पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुरक्षा कानून: पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की कार्य के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष ‘सुरक्षा अधिनियम’ लागू किया जाए।
2- मीडिया एवं सामाजिक कार्यकर्ता कल्याण बोर्ड: केंद्र और राज्य स्तर पर एक स्वायत्त ‘मीडिया एवं सामाजिक कार्यकर्ता कल्याण बोर्ड’ का गठन, ताकि उनके हितों का संरक्षण और समस्याओं का समाधान हो सके।
3- सरकारी संरक्षण एवं आधिकारिक पहचान: जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को आधिकारिक पहचान पत्र और सरकारी संरक्षण प्रदान किया जाए।
4- जनगणना एवं डेटाबेस: देशभर के सक्रिय पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की आधिकारिक जनगणना कराई जाए ताकि उनके लिए लक्षित कल्याणकारी योजनाएं बनाई जा सकें।
5- स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा: प्रत्येक मान्यता प्राप्त और स्वतंत्र एवं सक्रिय पत्रकार/सामाजिक कार्यकर्ता के लिए केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा योजना अनिवार्य की जाए।
6- पेंशन एवं आर्थिक सुरक्षा: एक निश्चित आयु के बाद या कठिन परिस्थितियों में कार्य करने वाले पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए पेंशन और आर्थिक सहायता सुनिश्चित की जाए।
7- टोल एवं परिवहन सुविधा: आधिकारिक रूप से स्वतंत्र एवं सक्रिय पत्रकारों के लिए टोल प्लाजा पर टोल टैक्स से मुक्ति और सार्वजनिक परिवहन (रेल/रोडवेज) में विशेष रियायत या मुफ्त यात्रा सुविधा प्रदान की जाए।
8- आवास आवंटन: पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए सरकारी आवासीय योजनाओं में विशेष कोटा और सस्ता आवास उपलब्ध कराया जाए।
9 कानूनी सहायता कोष: कार्य के दौरान यदि किसी पत्रकार या सामाजिक कार्यकर्ता पर फर्जी मुकदमा दर्ज होता है, तो उन्हें कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए सरकारी ‘कानूनी सहायता कोष’ से मदद मिले।
10- मीडिया पालिका का गठन: पत्रकारों के कामकाज के विनियमन, आचार संहिता के पालन और उनके अधिकारों के हनन की सुनवाई के लिए प्रशासनिक स्तर पर ‘मीडिया पालिका’ की स्थापना की जाए।
यूनियन के संस्थापक एके बिंदुसार ने कहा कि ये मांगें आपके संगठन के ‘मिशन प्रेस’ के तहत एक सुरक्षित, पारदर्शी और सशक्त मीडिया वातावरण बनाने की दिशा में केंद्रित हैं।

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