*बौद्ध शिक्षा की वर्तमान में प्रासंगिकता पर अतिथि व्याख्यान*
आगरा। श्रीमती बी० डी० जैन गर्ल्स पी० जी० कॉलेज, आगरा के बी० एड० विभाग में अतिथि व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो० वंदना अग्रवाल द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता श्रीमती शिखा सहायक आचार्या बी० एड० विभाग, प्रो. एच० एन० मिश्रा कॉलेज, ऑफ एजुकेशन कानपुर थीं। एक दिवसीय व्याख्यान का विषय’ बौद्ध धर्म के सिद्धांत एवं शिक्षा’ था। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बी० एड० प्रशिक्षणार्थियों को बौद्ध दर्शन के व्यावहारिक पक्षों, नैतिक मूल्यों और प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली में बौद्ध धर्म के योगदान से परिचित कराना तथा वर्तमान में उसकी प्रासंगिकता को बताना था। वक्ता ने अपने व्याख्यान को अत्यंत सरल और दार्शनिक रूप से प्रस्तुत किया, उन्होंने बताया कि बौद्ध शिक्षा मनुष्य को लौकिक और पारमार्थिक जीवन के योग्य बनाती है तथा चार आर्य सत्य जीवन की वास्तविकताओं को स्वीकारने एवं व्यावहारिक जीवन का मार्ग प्रशस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आज के तनावपूर्ण युग में बौद्ध शिक्षा सभी मनुष्यों के लिए प्रासंगिक है।कार्यक्रम का संचालन डॉ. शिखा द्वारा किया गया। तथा विभाग प्रभारी प्रो. शुभलेश कुमारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। कार्यक्रम में श्रीमती प्रियंका रानी, अनुपम यादव एवं समस्त छात्राएं उपस्थित रहीं।















