गौ आश्रय स्थल मिलिक बन्हैरा की व्यवस्थाएं तत्काल दुरुस्त हों: अरविन्द सिंह चौहान
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एटा 24 सितंबर। विश्व हिन्दू परिषद ब्रज प्रान्त के प्रान्त सह विशेष सम्पर्क प्रमुख अरविन्द सिंह चौहान ने बागवाला क्षेत्र के अंतर्गत स्थित गौ आश्रय स्थल मिलिक बन्हैरा की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है। उन्होंने जिलाधिकारी महोदया से गौ आश्रय स्थल का स्थलीय निरीक्षण कराकर आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है।
श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गोवंश के संरक्षण एवं उनके लिए सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर भी यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि गौ आश्रय स्थलों में गोवंश को सुरक्षित वातावरण, पर्याप्त चारा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों।
उन्होंने बताया कि मिलिक बन्हैरा स्थित गौ आश्रय स्थल में आंधी के कारण टिन उड़ जाने से आश्रय व्यवस्था प्रभावित हुई है। उनके अनुसार, क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत अभी तक नहीं होने के कारण वहां संरक्षित गोवंश को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, गौ आश्रय स्थल के आसपास कुछ गोवंश खुले में घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं।
विहिप नेता ने बताया कि गौ आश्रय स्थल के समीप लगभग 35-40 बीघा चारागाह भूमि भी उपलब्ध है। उनके अनुसार, तत्कालीन जिलाधिकारी प्रेम रंजन के कार्यकाल में इस भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया था और इसके कुछ हिस्से में बरसीम की बुवाई भी कराई गई थी। उन्होंने कहा कि उपलब्ध चारागाह भूमि का नियमानुसार और प्रभावी उपयोग किया जाए तो गोवंश के लिए चारे की व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है।
अरविन्द सिंह चौहान ने जिलाधिकारी महोदया से मांग की कि गौ आश्रय स्थल का निरीक्षण कराकर क्षतिग्रस्त टिन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को शीघ्र दुरुस्त कराया जाए। साथ ही, आसपास खुले में घूम रहे गोवंश को सुरक्षित रूप से गौ आश्रय स्थल में संरक्षित कराने तथा उपलब्ध चारागाह भूमि का गोवंश के हित में समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं।
उन्होंने कहा कि गोवंश संरक्षण के लिए शासन की मंशा के अनुरूप जमीनी स्तर पर प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित होना आवश्यक है। प्रशासन द्वारा इस मामले में शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई किए जाने से गौ आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं में सुधार होगा और गोवंश को सुरक्षित आश्रय एवं चारे की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
















